रुद्रप्रयाग: मलबा-पत्थर आने से मार्ग बाधित, दलदल में फंसे वाहनों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला
लगातार हो रही बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से सड़क मार्ग प्रभावित हो गए। विशेष रूप से सिरोहबगड़ क्षेत्र के आसपास सड़क पर दलदल बनने से कुछ वाहन फंस गए, जिन्हें बाद में पुलिस और संबंधित कार्यदायी संस्था की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, बारिश के चलते सिरोहबगड़ और आसपास के इलाकों में अचानक मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। वहीं कुछ स्थानों पर सड़क पर कीचड़ और दलदल बनने से गुजर रहे वाहन फंस गए।
मौके पर तैनात पुलिस बल और संबंधित कार्यदायी संस्था की टीम ने संयुक्त रूप से राहत कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद दलदल में फंसे वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद सड़क से मलबा हटाकर यातायात को भी सुचारू किया गया।
प्रदेश में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश का दौर
बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बृहस्पतिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में मौसम के और अधिक करवट लेने की संभावना है।
मोबाइल फोन पर प्रसारित एक प्रेसिडेंशियल अलर्ट संदेश में बताया गया है कि प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों (3000 मीटर या उससे अधिक) में बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
इन जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना
अलर्ट के अनुसार बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत और उत्तरकाशी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी व्यक्त की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक यह संदेश सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली के माध्यम से परीक्षण (टेस्ट मैसेज) के तौर पर भेजा गया था। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन और चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना है, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में समय पर लोगों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
खराब मौसम में सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्कता बरतें और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।