Thursday, April 2, 2026
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एक अगस्त से शुरू होगा डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा

रुद्रपुर। डायरिया की रोकथाम के लिए जिले में एक अगस्त से डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा शुरू होने जा रहा है। इसमें दो माह से लेकर पांच वर्ष उम्र तक के सभी बच्चों को जिंक टैबलेट व ओआरएस घोल पिलाया जाएगा। इसके लिए जिले में 2,72,912 बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है। इससे पहले सात से 21 जुलाई तक डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चलना था लेकिन कुछ कारणों के चलते तय तिथि पर यह अभियान शुरू नहीं हो सका। अब स्वास्थ्य विभाग ने एक से 14 अगस्त तक डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चलाने का निर्णय लिया है। बच्चों को ओआरएस घोल पिलाने व जिंक टैबलेट देने के लिए जिले के सभी ब्लॉक में 1344 आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। एसीएमओ डॉ. तपन कुमार शर्मा ने बताया कि डायरिया पखवाड़े को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। आशाएं घर-घर जाकर ओआरएस घोल व जिंक टैबलेट वितरित करेंगी। बच्चों के लिए सरकारी अस्पतालों में भी ओआरएस घोल के पैकेट्स उपलब्ध रहेंगे।
जिले में पांच वर्ष उम्र तक के चिह्नित बच्चे
चिकित्सा इकाई – कुल बच्चे
जिला अस्पताल रुद्रपुर – 41,683
उप जिला अस्पताल काशीपुर – 15,693
उप जिला अस्पताल खटीमा – 28,206
सीएचसी किच्छा – 46,441
सीएचसी गदरपुर – 24,357
सीएचसी बाजपुर – 33,092
नारायण नगर पीएचसी काशीपुर – 26,105
सीएचसी जसपुर – 24,882
सीएचसी सितारगंज – 32,453
उत्तराखंड में संक्रामक रोग फैलने की आशंका अधिक
रुद्रपुर। आपदा जनित रोगों व महामारी पर निगरानी रखने के लिए आईडीएसपी (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान आदि के सहयोग से रुद्रपुर में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य महानिदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार प्रोफेसर डॉ. अतुल गोयल ने कहा कि उत्तराखंड बाढ़, भूस्खलन व भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं से ग्रसित रहता है। इस कारण यहां संक्रामक, जल जनित रोगों के फैलने की अधिक आशंका रहती है। इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ आम जनसमुदाय को भी प्रशिक्षित किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डॉ. तारा आर्या ने कहा कि महामारी पर नियंत्रण करने के लिए आईडीएसपी टीम को प्रशिक्षण देना जरूरी है। वहां राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह, प्रो. सूर्य प्रकाश, डॉ. तरुण कुमार, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. अमृता गुप्ता, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी आदि थे।

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