खटीमा। तीन दिन से लापता मेडिकल स्टोर संचालक का शव झनकईया के जंगल में पड़ा मिला। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। शव के पास एक सिरिंज, नशे का एक इंजेक्शन भी मिला। वार्ड संख्या पांच खटीमा निवासी असलम ने बताया कि उसका भाई मोनिस उर्फ अमीन (24) बनबसा (चंपावत) में सात साल से जनता मेडिकल स्टोर चलाता था। उसके पिता मो. अशरफ बीमार हो गए। परिजन उन्हें बरेली अस्पताल गए थे। एक सितंबर को असलम का भाई मोनिस बनबसा से करीब साढ़े चार बजे बाइक से घर के लिए निकला और देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार उसके मोबाइल पर संपर्क का प्रयास किया। फोन की घंटी बजती रही लेकिन फोन नहीं उठा। परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। बनबसा और खटीमा पुलिस को गुमशुदगी की तहरीर सौंपी गई थी।
पुलिस को शनिवार सुबह उसके मोबाइल की लोकेशन झनकईया के जंगल में पकड़िया आठ लाइन तार क्षेत्र में मिली। वहां पहुंचने पर बाइक के साथ मोनिस का शव मिला। पुलिस ने बताया कि मृतक के जेब से दो मोबाइल बरामद हुए है। फोरेंसिक टीम के सब इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश राइपा ने घटना स्थल पर जांच की। टीम को शव के पास एक सिरिंज और नशे का एक इंजेक्शन मिला। झनकईया के थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। सात भाई-बहनों में मोनिस छठे नंबर का था। उसके तीन भाई मुशर्रफ, असलम, अकरम हैं। मोनिस अविवाहित था। किच्छा के सीओ ओमप्रकाश (अतिरिक्त प्रभार खटीमा) ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।