Sunday, November 8, 2026
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सड़कों के सुधारीकरण के लिए हुई चिंतन बैठक

चौखुटिया (अल्मोड़ा)। खस्ताहाल हो चुकी क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की दशा सुधारने की मांग के लिए शनिवार को डाक बंगले में सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोगों ने बैठक की। चिंतन बैठक में संबंधित विभाग से सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की गई। लोगों ने लगातार मांग के बावजूद अनदेखी करने पर रोष जताया। बाद में संबंधित अधिकारियों से फोन पर हुई वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि मासी-चौखुटिया और गनाई-जौरासी सड़क का सुधारीकरण शीघ्र किया जाएगा। इनमें से एक सड़क पर कार्य शुरू भी हो चुका है। बैठक के संयोजक पूर्व जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह नेगी ने लोनिवि के ईई से बातचीत के बाद बताया कि चौखुटिया-मासी सड़क में भिकियासैंण से कार्य शुरू होकर मासी तक पूरा हो चुका है चौखुटिया की तरफ कार्य शुरू किया जा रहा है। गनाई-जौरासी सड़क का कार्य भी एक हफ्ते में शुरू करने की बात कही गई है। बताया गया है कि इस सड़क में पानी के रिसाव को देखते हुए पांच सौ मीटर में लॉक टाइल्स लगाई जाएंगी। इसी तरह बाखली-गोदी-खीड़ा अऔर तड़ागताल मार्ग सुधारीकरण कार्य के लिए इसी माह टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू करने की बात कही गई। गजेंद्र नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आश्वासन के अनुरूप कार्य न होने पर जनता के सहयोग से संघर्ष करने की बात कही है। बैठक में महेशानंद, हेम चंद्र,हरीश चंद्र, कृष्णा झुनेला व आनंद सिंह आदि मौजूद थे।
आपदा में क्षतिग्रस्त ताड़ीखेत-थकुलाड़ी मार्ग की नहीं ली जा रही सुध
रानीखेत (अल्मोड़ा)। आपदा में क्षतिग्रस्त ताड़ीखेत-थकुलाड़ी-गैरड़ मार्ग की अभी तक मरम्मत नहीं की जा सकी है। मार्ग की हालत खराब होने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह से सड़क में धंसाव हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निकास नालियां भी मलबे से पटी हुई हैं जिस कारण बारिश का पानी सड़क पर बहता है और सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। इस सड़क की मरम्मत का जिम्मा वापकोस कंपनी के पास है। ग्रामीणों ने सड़क की दशा सुधारने की मांग की है। ताड़ीखेत-गैरड़-थकुलाड़ी नौ किमी मार्ग को पीएमजीएसवाई के तहत मंजूरी मिली थी। दो साल पहले भी आपदा में यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले साल आपदा में सड़क की हालत और खराब हो गई। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर का कहना है कि जगह जगह मलबा पड़ा है। कई स्थानों पर दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। निकास नालियां चोक होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर बहता है जिस कारण सड़क में धंसाव हो रहा है। इस कारण वाहन चालक भी सड़क पर वाहन चलाने से डर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को सूचना दी गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। ठाकुर ने बताया कि सड़क ग्वेल मंदिर से लेकर तल्ला गैरड़ तक अत्यधिक खराब है। इधर वापकोस कंपनी के अवर अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि सड़क पिछले साल आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी। इसके सुधारीकरण का कार्य शीघ्र शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बांड के आधार पर दीवारों और निकास नालियों का निर्माण किया गया है।

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