काशीपुर। जिस पत्नी की खातिर मुकेश अपनी मां को छोड़कर ससुराल में रह रहा था, उसी ने प्रेमी से मिलकर खुद अपना ही सुहाग उजाड़ डाला। दोनों ने मुकेश की हत्या कर उसके शव को ढेला नदी में दबा दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुुक्त चुनरी और एक डंडा बरामद किया है।
यूपी के जनपद आगरा, थाना कमलानगर निवासी मुकेश कुमार (24) पुत्र वीर बहादुर का विवाह वर्ष 2015 में काशीपुर में कचनालगाजी स्थित कुमाऊं कॉलोनी निवासी उर्मिला के साथ हुआ था। पुलिस के अनुसार उर्मिला का शादी से पहले ही कॉलोनी के फैजान के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। विवाह के बाद भी वह अपने प्रेमी के संपर्क में रही। बाद में वह अपने मायके में रहने की जिद पर अड़ गई। पत्नी की जिद के आगे तीन वर्ष पूर्व मुकेश भी काशीपुर आ गया। वह घर जमाई रहकर यहां मजदूरी करता था। बीती 30 अप्रैल की रात उसकी अपनी मां मुन्नी से फोन पर बात हुई थी। अगले दिन मां ने उससे बात करनी चाही तो उसका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आया। मुन्नी ने अपनी पुत्रवधू उर्मिला और उसकी मां से मुकेश के बारे में पूछा लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब मुकेश का कहीं कुछ पता नही लगा तो मां ने 13 मई को काशीपुर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी चंद्रमोहन ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि शक के आधार पर पुलिस ने मुकेश की पत्नी उर्मिला का नंबर सर्विलांस पर लगाया तो बस्ती में ही रहने वाले फैजान के साथ उसकी लगातार बात होने का सुराग मिला। पुलिस ने उर्मिला और फैजान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने मुकेश की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। फैजान ने बताया कि 30 अप्रैल की रात तीनों घूमते हुए मानपुर स्थित गुरुद्वारे के पीछे ढेला नदी के किनारे पहुंचे।
वहां उसने मुकेश को शराब पिलाई और नशे की हालत में उसके सिर पर डंडा मारकर बेहाश कर दिया। फैजान ने उर्मिला की चुनरी से गला दबाकर मुकेश की हत्या की और उसका शव ढेला नदी में गड्ढा खोदकर दबा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जेसीबी से गड्ढ़ा खोदकर मृतक का शव बरामद कर लिया। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल मनोज रतूडी, एसएसआई प्रदीप मिश्रा, एसआई कपिल कांबोज, रुबी मौर्य, एसओजी प्रभारी रविंद्र बिष्ट, कांस्टेबल दीवान बोरा, सुरेंद्र सिंह, कैलाश, प्रदीप, विनय कुमार आदि थे।
पत्नी की भूमिका पर पहले से ही था पुलिस को शक
काशीपुर। कचनालगाजी निवासी मुकेश बीती 30 अप्रैल से लापता था। इसके बाद भी पत्नी ने न तो उसे खोजने का कोई प्रयास किया और न ही पुलिस को उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। इससे पुलिस का शक पत्नी पर गहरा गया। इसी शक से पुलिस को केस खोलने में मदद मिली।
वारदात से तीन दिन पहले बनी थी हत्या की योजना
काशीपुर। वारदात के तीन दिन पहले ही फैजान और उर्मिला ने मुकेश की हत्या की योजना बना ली थी। मुकेश 26 अप्रैल को अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शिरकत करने के लिए अपने गांव कमलानगर आगरा गया था। इस दौरान फैजान और उर्मिला साथ रहे। दोनों ने आगरा से लौटने पर मुकेश की हत्या करने की योजना बना ली थी।
पुलिस पर हमले के आरोप में भी जेल जा चुका है फैजान
काशीपुर। मुकेश हत्याकांड का आरोपी फैजान वर्ष 2020 में पुलिस टीम पर हमले के आरोप में भी जेल जा चुका है। कचनाजगाजी गड्ढाकॉलोनी की गली नंबर छह में भजनगायक अनिल वर्मा परिवार संग रहते हैं। आरोप है कि पड़ोस में ही रहने वाले कुछ लोग अनिल के परिजनों पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। शिकायत पर 17 मई, 2020 को पुलिस जांच के लिए पहुंची तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस मामले में फैजान और उसके परिवार के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ था। मुकदमे में फैजान की गिरफ्तारी हुई थी।