Wednesday, October 14, 2026
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फेल होने या कम नंबर आने पर अब नहीं मायूस होने की जरूरत, अंक सुधार का मिलेगा एक और मौका

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए या कम अंकों से पास हुए हैं तो मायूस होने की जरूरत नहीं है। सरकार अधिकतम दो विषयों में फेल छात्र-छात्राओं के साथ ही अब पास छात्रों को भी अंक सुधार का मौका देगी। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा। हर साल लगभग दो लाख छात्र बोर्ड परीक्षा पास करते हैं। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में हर साल लगभग ढ़ाई लाख छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। इसमें से लगभग 50 हजार छात्र फेल हो जाते हैं। अधिकतर छात्र एक या दो विषयों में फेल होते हैं। एक बार परीक्षा में फेल होने के बाद छात्र-छात्राओं को उसी साल फिर से परीक्षा का मौका नहीं मिलता, लेकिन राज्य सरकार इन छात्रों को अब पास होने का मौका देना चाहती है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्याें की तुलना में अलग हैं। प्रदेश में ऐसे छात्र-छात्राएं भी हैं जो खेतों में काम करने के बाद परीक्षा देने पहुंचते हैं। इसके अलावा अचानक स्वास्थ्य खराब होने की वजह से भी कुछ छात्र ठीक से परीक्षा नहीं दे पाते।
ताकि छात्रों का साल खराब न हो
ऐसे छात्रों का साल खराब न हो इसके लिए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। मंत्री के मुताबिक फेल छात्र-छात्राओं के साथ ही उन छात्र-छात्राओं को भी अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। जो छात्र परीक्षा में पास हैं और यह समझते हैं कि उनके अच्छे अंक आ सकते थे, लेकिन नहीं आए।
16 मार्च से होनी हैं बोर्ड परीक्षाएं
बोर्ड की लिखित परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होनी हैं। इस साल हाईस्कूल में 127320 और इंटरमीडिएट में 132110 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
पिछले साल 77.47 प्रतिशत रहा 10वीं का परीक्षाफल
बोर्ड की 10वीं का परीक्षाफल पिछले साल 77.47 प्रतिशत रहा जबकि इंटरमीडिएट का 82.63 प्रतिशत रहा। वहीं 2021 में 10वीं का 99 प्रतिशत एवं 12वीं का 99.71 प्रतिशत रहा। यूपी के समय में फेल छात्रों के लिए फिर से परीक्षा की व्यवस्था थी, लेकिन उत्तराखंड में इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था। अब फेल और पास सभी छात्र जो परीक्षा देना चाहते हैं उन्हें परीक्षा का मौका दिया जाएगा। – डा धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री

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