ऊधमसिंह नगर जिले में किरायेदार बनकर रह रहे अपराधियों की वजह से कानून-व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कई आपराधिक घटनाओं में शामिल आरोपी किराये के कमरों में रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में सामने आए धोखाधड़ी, दुष्कर्म और हनी ट्रैप जैसे मामलों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
जिले के रुद्रपुर, सितारगंज, पंतनगर और काशीपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इनमें से अधिकांश मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके जीवनयापन करते हैं और किराये के कमरों में रहते हैं। लेकिन कई मकान मालिक किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराते, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन न होने के कारण बाहरी राज्यों के अपराधियों के लिए तराई क्षेत्र में ठिकाना बनाना आसान हो गया है। ऊधमसिंह नगर का सीमावर्ती जिला होना भी इस समस्या को और बढ़ा रहा है। यहां से उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सीमाएं सटी होने के कारण नशा तस्करी, हनी ट्रैप, धोखाधड़ी और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई अपराधी किराये के कमरों को अपना अड्डा बनाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
पुराने मामलों से भी सामने आई चिंताजनक तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में सामने आए मामलों पर नजर डालें तो स्थिति काफी गंभीर दिखाई देती है। कई मामलों में दूसरे राज्यों की युवतियों को बहला-फुसलाकर ऊधमसिंह नगर लाया गया और उन्हें बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। कुछ मामलों में पीड़िताओं को देह व्यापार में भी धकेलने की बात सामने आई है। इसके अलावा साइबर ठगी के लिए भी किराये के कमरों का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं।
ज्यादा किराए के लालच में सत्यापन से बच रहे मकान मालिक
पुलिस के अनुसार कई मकान मालिक अधिक किराया पाने के लालच में किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराते। यही लापरवाही अपराधियों के लिए अवसर बन जाती है। ऐसे मामलों को देखते हुए अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है और बिना सत्यापन किरायेदार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हाल के कुछ प्रमुख मामले
- केस 1: अप्रैल के पहले सप्ताह में पटियाला की एक युवती ने रुद्रपुर की एक रिहायशी कॉलोनी में किराये के कमरे में अपने साथ दुष्कर्म होने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- केस 2: 30 मार्च को पुलिस ने रामपुर के एक युवक को हनी ट्रैप में फंसाकर बंधक बनाने और लूटने के मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी किराये के कमरे में रह रहे थे।
- केस 3: 19 फरवरी को आईटीआई थाना पुलिस ने जिन्न के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में यूपी के रामपुर निवासी फर्जी मौलाना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी भी किराये के मकान में रह रहे थे।
- केस 4: मार्च 2023 में पुलिस ने किराये के घर में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया था।
- केस 5: 19 जुलाई 2023 को संतोष बनकर रह रहे शरीफ नामक व्यक्ति ने शाहजहांपुर की एक युवती को रुद्रपुर में किराये के कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था।
- केस 6: मार्च 2022 में भी किराये के कमरे में देह व्यापार का मामला सामने आया था, जिसमें तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
ऑपरेशन प्रहार के तहत चल रहा सत्यापन अभियान
इन घटनाओं के बाद जिले में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। आबादी वाले इलाकों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक पुलिस टीम लगातार चेकिंग कर रही है ताकि संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जिले में किरायेदारों का सत्यापन अनिवार्य है। अगर कोई मकान मालिक बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।