Saturday, October 24, 2026
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यूकेपीएससी भर्ती कैलेंडर से बढ़ी युवाओं की चिंता, 16 प्रवक्ता परीक्षाओं पर ही जोर

देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) द्वारा जारी नए परीक्षा कैलेंडर ने प्रदेश के प्रतियोगी युवाओं को निराश कर दिया है। कैलेंडर में कुल 22 भर्तियों का जिक्र किया गया है, लेकिन इनमें से 16 परीक्षाएं केवल प्रवक्ता (Lecturer) पदों के लिए निर्धारित हैं। इससे अन्य महत्वपूर्ण भर्तियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में असंतोष साफ देखा जा रहा है।

दरअसल, आयोग ने 21 अप्रैल से 6 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाली परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया है। इसमें पीसीएस, लोअर पीसीएस, समीक्षा अधिकारी (RO), सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO), सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) जैसी बहुप्रतीक्षित भर्तियों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

अप्रैल में शुरू होंगी मुख्य परीक्षाएं
कैलेंडर के अनुसार, 21 से 24 अप्रैल तक पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा और 27 से 30 अप्रैल तक पीसीएस मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि नई भर्तियों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है, जिससे उम्मीदवारों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

प्रवक्ता भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम
आयोग द्वारा इस वर्ष प्रवक्ता पदों के लिए 16 विषयों में मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें भौतिक विज्ञान (9 मई), नागरिक शास्त्र (10 मई), हिंदी (30 मई), इतिहास (31 मई), कृषि (11 जून), गणित (5 जुलाई), जीव विज्ञान (12 जुलाई), अंग्रेजी (26 जुलाई), रसायन विज्ञान (23 अगस्त), वाणिज्य (20 सितंबर), भूगोल (27 सितंबर), अर्थशास्त्र (11 अक्तूबर), समाजशास्त्र (18 अक्तूबर), संस्कृत (23 अक्तूबर), गृह विज्ञान (29 नवंबर) और कला (6 दिसंबर) शामिल हैं।

अन्य परीक्षाओं की सीमित संख्या
प्रवक्ता परीक्षाओं के अलावा, 19 मई को समीक्षा अधिकारी (लेखा) परीक्षा-2024 और 19 जुलाई को हाईकोर्ट समीक्षा अधिकारी, टाइपिस्ट एवं लाइब्रेरियन की स्क्रीनिंग परीक्षा प्रस्तावित है।

आयोग ने 6 सितंबर और 4 अक्तूबर की तिथियों को आरक्षित रखा है, जिन पर भविष्य में परीक्षाएं तय की जा सकती हैं।

अभ्यर्थियों में असंतोष
लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि भर्ती कैलेंडर में संतुलन का अभाव है। उनका मानना है कि आयोग को सभी प्रमुख भर्तियों को शामिल करते हुए स्पष्ट और व्यापक कैलेंडर जारी करना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की दिशा तय करने में सुविधा मिल सके।

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