Friday, October 23, 2026
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यूपी एटीएस का बड़ा एक्शन: साउथ अफ्रीका से लौटते ही बिजनौर का मैजुल गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल से जुड़ाव के आरोप

उत्तर प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बिजनौर निवासी मैजुल को पांच साल बाद दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था।

शनिवार को जैसे ही मैजुल दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, पुलिस और एटीएस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। एयरपोर्ट पर उसे लेने पहुंचे परिजन बिना मिले ही मायूस होकर वापस लौट गए। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मैजुल किस उद्देश्य से भारत वापस आया था, जबकि उसके खिलाफ पहले से ही अलर्ट जारी था।

आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा मामला

दरअसल, उत्तर प्रदेश एटीएस ने 2 अप्रैल को लखनऊ में एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में मेरठ निवासी साकिब, गौतमबुद्धनगर के अरबाब, लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय था और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

एटीएस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम लाइव का एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया गया था। इस लाइव सेशन में साकिब के अलावा दुबई में बैठे आकिब, आजाद और बिजनौर का मैजुल भी शामिल था।

पहले मिली थी क्लीन चिट, फिर खुला केस

इस मामले में पहले बिजनौर के नांगल थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसमें मैजुल को क्लीन चिट मिल गई थी। लेकिन एटीएस की जांच के बाद इस पुराने केस को दोबारा खोला गया और मैजुल फिर से जांच के घेरे में आ गया।

एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के अनुसार, मैजुल, साकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। अब मैजुल की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

पूछताछ में बड़ा खुलासा

बिजनौर पुलिस की पूछताछ में मैजुल ने स्वीकार किया है कि वह दुबई में बैठे आकिब के संपर्क में था। आकिब पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से देश विरोधी विचार फैलाता था और लोगों को भड़काने का काम करता था।

एटीएस के मुताबिक, आकिब के पाकिस्तानी हैंडलर्स से भी संपर्क थे और वह लगातार इंस्टाग्राम सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता है।

विदेश में रहकर बदला व्यवहार

जांच में यह भी सामने आया कि मैजुल पिछले पांच साल से दक्षिण अफ्रीका में सैलून में काम कर रहा था। लेकिन इस दौरान उसने अपने परिवार से दूरी बना ली थी। न तो वह किसी त्योहार पर घर आया और न ही उसने कोई आर्थिक मदद परिवार को भेजी।

उसके पिता भी विदेश में नाई का काम करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गांव और देहरादून में रहते हैं।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस मामले में पुलिस पहले ही उवैद मलिक, जलाल हैदर और समीर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, आजाद और आकिब फिलहाल सऊदी अरब में बताए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

वीडियो में चार लोग थे शामिल

जांच एजेंसियों के अनुसार, जिस वायरल वीडियो में एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया गया था, उसमें मैजुल, आकिब, आजाद और उवैद मलिक शामिल थे। यह वीडियो सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित किया गया था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।


निष्कर्ष:
मैजुल की गिरफ्तारी को एटीएस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इस आतंकी मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

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