देहरादून।
उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले पोषाहार के मेन्यू में चना और मूंगफली को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को अतिरिक्त प्रोटीन युक्त आहार मिल सकेगा।
कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, सीएम बाल एवं महिला पोषण योजना के अंतर्गत पहले से संचालित साप्ताहिक मेन्यू के साथ अब नई खाद्य सामग्री जोड़ी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
महिलाओं के लिए साप्ताहिक मेन्यू
आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत गर्भवती और धात्री महिलाओं को वर्तमान में निम्नानुसार पोषाहार दिया जा रहा है—
-
सोमवार और मंगलवार: केला
-
बुधवार और शनिवार: अंडा
-
बृहस्पतिवार और शुक्रवार: दूध
अब इस मेन्यू में चना और मूंगफली को भी शामिल किया जाएगा। यह दोनों खाद्य पदार्थ प्रोटीन और ऊर्जा के अच्छे स्रोत माने जाते हैं, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
बच्चों के पोषण में भी बदलाव
इसी तरह मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान (बाल पालाश योजना) के तहत तीन से छह वर्ष तक के स्कूल-पूर्व पंजीकृत बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार में भी नई सामग्री शामिल की जाएगी। सरकार का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की दर को कम करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
कुपोषण मुक्त उत्तराखंड की ओर कदम
सरकार का मानना है कि पोषाहार में विविधता और पौष्टिक तत्वों की बढ़ोतरी से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कैबिनेट के इस निर्णय को राज्य में कुपोषण से लड़ने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नई खाद्य सामग्री का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।