Thursday, March 26, 2026
Homeउत्तराखंडउत्तराखंड कैबिनेट का फैसला: गेहूं और धान की खरीद पर अब केवल...

उत्तराखंड कैबिनेट का फैसला: गेहूं और धान की खरीद पर अब केवल 2% मंडी शुल्क लगेगा

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर होने वाली खरीद से संबंधित शुल्क व्यवस्था में बदलाव किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गेहूं और धान की खरीद पर मंडी शुल्क को घटाकर दो प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत राज्य में गेहूं और धान की एमएसपी पर होने वाली खरीद पर अब कुल दो प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाएगा। इससे पहले इन फसलों की खरीद पर मंडी शुल्क और सेस मिलाकर कुल ढाई प्रतिशत शुल्क लिया जाता था।

सरकारी जानकारी के मुताबिक पहले लिए जाने वाले ढाई प्रतिशत शुल्क में से आधा प्रतिशत सेस की प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती थी। हालांकि लगभग तीन वर्ष पहले केंद्र सरकार ने सेस की यह प्रतिपूर्ति बंद कर दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने शुल्क व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे घटाकर दो प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।

बताया गया कि गेहूं और धान की खरीद के दौरान यह शुल्क आढ़तियों और राइस मिल मालिकों से लिया जाता है। सरकार के इस निर्णय से खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने और व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से जुड़े परिनियम को भी मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों के उपबंध और नियमन के लिए परिनियम के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह मंजूरी उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 की धारा 36 के तहत दी गई है। सरकार का मानना है कि इस परिनियम के लागू होने से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के संचालन में स्पष्टता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments