Wednesday, February 11, 2026
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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: सीएम धामी की अध्यक्षता में छह बड़े प्रस्तावों को मंजूरी, बोनस कानून से लेकर ईएसआई डॉक्टरों तक अहम फैसले

देहरादून।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य हित से जुड़े छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में श्रम विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं, गृह विभाग, कारागार अधिनियम, वन विभाग के श्रमिकों और सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजनाओं से संबंधित अहम निर्णय लिए गए।

🔹 पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 वापस

कैबिनेट ने श्रम विभाग से जुड़े पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का फैसला किया। यह अधिनियम कोविड-19 काल में लागू किया गया था, जिसमें उद्योगों को केवल लाभ (सरप्लस) होने की स्थिति में ही बोनस देने का प्रावधान था।
अब राज्य में केंद्र सरकार का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 लागू रहेगा, जिससे सभी पात्र कर्मचारियों को बोनस का लाभ सुनिश्चित होगा। राज्य सरकार द्वारा यह अधिनियम राष्ट्रपति को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति न मिलने के कारण इसे वापस लिया जा रहा है।

🔹 ईएसआई डॉक्टरों के लिए नई सेवा नियमावली

कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस सर्विस स्कीम–2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत ईएसआई डॉक्टरों के कुल 94 पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है।
इनमें मेडिकल ऑफिसर के 76 पद, असिस्टेंट डायरेक्टर के 11 पद, लेवल-12 के 6 पद और एडिशनल डायरेक्टर (लेवल-13) का 1 पद शामिल है। नई नियमावली के तहत अब पदोन्नति का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

🔹 एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मिलेगा विस्तार

गृह विभाग से संबंधित प्रस्ताव में वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें एक पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पद शामिल हैं।

🔹 आदतन अपराधी की परिभाषा में संशोधन

कैबिनेट ने निर्णय लिया कि वर्ष 2024 में पारित उत्तराखंड कारागार अधिनियम में किए गए प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। अब आदतन अपराधी की पहचान पूर्ववर्ती कानून के अनुसार की जाएगी।

🔹 वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को राहत

वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पहले से न्यूनतम वेतन पा रहे 893 श्रमिकों के अलावा शेष 589 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।

🔹 मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना जारी

कैबिनेट ने यह भी तय किया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना भी जारी रहेगी। जब तक केंद्र सरकार की योजना वर्ष 2025-26 तक प्रभावी रहेगी, तब तक राज्य की योजना भी समानांतर रूप से संचालित की जाएगी।

👉 कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य के कर्मचारियों, स्वास्थ्य सेवाओं, श्रमिकों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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