देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नए और पुराने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस फेरबदल में कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया गया है। सबसे अहम फैसला कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस लेने का रहा, जो उनके पास करीब नौ वर्षों से था।
सरकार की ओर से जारी विभागीय सूची के अनुसार चार वरिष्ठ मंत्रियों के कुछ विभागों में परिवर्तन किया गया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा हटा लिया गया है। इसके अलावा मंत्री सतपाल महाराज से पंचायतीराज और जलागम विभाग, सुबोध उनियाल से तकनीकी शिक्षा और भाषा विभाग तथा गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग वापस ले लिया गया है।
वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और सौरभ बहुगुणा के पास उनके पहले के सभी विभाग यथावत रखे गए हैं।
शिक्षा और सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी
नए विभागीय बंटवारे के बाद डॉ. धन सिंह रावत के पास अब विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। वर्ष 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद से उनके पास शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी था। लगभग नौ साल तक स्वास्थ्य महकमा संभालने के बाद अब उनसे यह विभाग वापस लिया गया है।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का दावा
इन दिनों डॉ. धन सिंह रावत पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किया गया और डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्तियां कराई गईं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गईं। साथ ही दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयास किए गए।