उत्तराखंड में दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द जारी होने की संभावना है। इसे लेकर शासन और संगठन दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है। गोपन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों से उनके-अपने विभागों में खाली पड़े दायित्वधारियों के पदों की जानकारी तलब की है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार एक और सूची जारी करने की तैयारी में जुट गई है।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दायित्वधारियों की नियुक्ति और मंत्रिमंडल में संभावित नए चेहरों की एंट्री को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। सत्तारूढ़ दल के कई विधायक मंत्रिपद की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता विभिन्न बोर्डों, निगमों और समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य पद की आस लगाए हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर अधिकांश नामों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम मंजूरी का इंतजार है। चुनावी रणनीति के तहत दायित्वों का बंटवारा संगठन को मजबूत करने और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में दायित्वधारियों की पहली सूची 27 सितंबर 2023 को जारी हुई थी, जिसमें 10 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद 14 दिसंबर 2023 को दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें 11 नेताओं के नाम शामिल थे। वर्ष 2024 में एक अप्रैल को तीसरी सूची सामने आई, जिसमें 20 नेताओं को दायित्व दिए गए। इसके बाद चार अप्रैल को चौथी सूची जारी हुई, जिसमें 18 नेताओं को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया।
अब पांचवीं सूची को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि विभागों से रिक्त पदों का पूरा ब्योरा मिलने के बाद सरकार जल्द ही नई सूची जारी कर सकती है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा और चुनाव से पहले राजनीतिक संतुलन साधने में मदद मिलेगी।