Friday, March 6, 2026
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Uttarakhand Economic Survey 2025-26: चार वर्षों में डेढ़ गुना बढ़ी राज्य की जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय और उद्योगों में भी तेजी

उत्तराखंड में जारी हुआ आर्थिक सर्वेक्षण, जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में बड़ा इजाफा

उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया गया। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की आर्थिक स्थिति और पिछले चार वर्षों में हुए विकास के आंकड़े साझा किए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 की तुलना में उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, स्टार्टअप, ऊर्जा उत्पादन और आधारभूत ढांचे के विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

जीएसडीपी का आकार 3.81 लाख करोड़ के पार

नियोजन विभाग के अनुसार वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जीएसडीपी का आकार 2.54 लाख करोड़ रुपये था। पिछले चार वर्षों में इसमें लगातार वृद्धि हुई और अब यह बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

सरकार का कहना है कि राज्य में उद्योग, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के कारण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा हुआ है।

  • वर्ष 2022 में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 94 हजार रुपये थी।

  • अब यह बढ़कर 2 लाख 73 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

इसके अलावा राज्य में गरीबी सूचकांक में भी कमी आई है। वर्ष 2022 में जहां यह 9.7 प्रतिशत था, वह अब घटकर 6.92 प्रतिशत रह गया है।

एमएसएमई सेक्टर में बढ़े उद्योग और रोजगार

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में एमएसएमई सेक्टर तेजी से आगे बढ़ा है।

  • वर्ष 2022 में करीब 59 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग पंजीकृत थे।

  • अब इनकी संख्या बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गई है।

इन उद्योगों के माध्यम से राज्य में लगभग साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है।

बड़े उद्योगों और स्टार्टअप की संख्या में बढ़ोतरी

राज्य में बड़े उद्योगों की संख्या भी बढ़ी है।

  • वर्ष 2022 में 107 बड़े उद्योग थे।

  • अब यह संख्या बढ़कर 128 हो गई है।

वहीं स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी तेजी देखने को मिली है।

  • वर्ष 2017 में राज्य में कोई स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था।

  • वर्ष 2022 तक 702 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए थे।

  • वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है।

सड़क निर्माण और सौर ऊर्जा उत्पादन में प्रगति

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 885 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में संपर्क बेहतर हुआ है।

इसके अलावा सौर ऊर्जा उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • वर्ष 2022 में सोलर पावर प्लांट से 439 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।

  • अब यह बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है।

कृषि और डेयरी क्षेत्र में भी सुधार

राज्य में चावल, दूध और मछली उत्पादन में भी वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की जीएसडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान सबसे अधिक 26.02 प्रतिशत है।

प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि सरकार की विकास नीतियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हुई है और आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

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