Tuesday, November 3, 2026
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ऊर्जा निगमों में 5 साल से नहीं हुई निदेशकों की भर्ती, कई अहम पद खाली; प्रभारी व्यवस्था से चल रहा काम

देहरादून: उत्तराखंड के तीनों प्रमुख ऊर्जा निगमों में पिछले लगभग पांच वर्षों से निदेशकों के पदों पर नियमित भर्ती नहीं होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती जा रही है। कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं और अधिकांश पदों पर प्रभारी अधिकारियों के भरोसे काम चलाया जा रहा है।

प्रदेश के तीन प्रमुख ऊर्जा निगम—यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल—में निदेशकों की अंतिम चयन प्रक्रिया वर्ष 2020-21 में हुई थी। इसके बाद से नियमित भर्ती नहीं होने के कारण कई अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए और उनके स्थान पर स्थायी नियुक्तियां नहीं हो सकीं। नतीजतन कई पदों पर प्रभारी व्यवस्था लागू करनी पड़ी।

वर्तमान स्थिति यह है कि तीनों ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक (एमडी) के पद भी स्थायी नियुक्ति के बजाय प्रभारी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहे हैं। हाल ही में कुछ प्रशासनिक और न्यायिक आदेशों के बाद अब नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जगी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिटकुल के प्रभारी एमडी पीसी ध्यानी को हटाया गया है। वहीं सरकार के आदेश पर यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार और यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल को भी पद से हटाया जा चुका है। इन फैसलों के बाद ऊर्जा निगमों में स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

निगमों में निदेशकों के पदों की स्थिति

यूपीसीएल:

  • प्रबंध निदेशक – प्रभारी

  • निदेशक परिचालन – उपलब्ध

  • निदेशक परियोजना – रिक्त

  • निदेशक वित्त – प्रभारी

  • निदेशक एचआर – उपलब्ध नहीं

यूजेवीएनएल:

  • प्रबंध निदेशक – प्रभारी

  • निदेशक परिचालन – प्रभारी

  • निदेशक परियोजना – रिक्त

  • निदेशक वित्त – रिक्त

  • निदेशक एचआर – रिक्त

पिटकुल:

  • प्रबंध निदेशक – प्रभारी (आईएएस)

  • निदेशक परिचालन – प्रभारी

  • निदेशक परियोजना – रिक्त

  • निदेशक वित्त – रिक्त

  • निदेशक एचआर – उपलब्ध

इसके अलावा यूपीसीएल में कार्यकारी निदेशक (ईडी) के कई पद भी खाली हैं। ईडी एचआर और ईडी तकनीकी के पद भरे हुए हैं, लेकिन ईडी सिविल, ईडी वित्त और ईडी ऑपरेशन मेंटेनेंस के पद रिक्त हैं। यूजेवीएनएल में ईडी के सभी पद भरे हुए हैं, जबकि पिटकुल में ईडी एचआर और अन्य ईडी के पद स्वीकृत नहीं हैं।

निदेशक पदों के इंटरव्यू भी हुए स्थगित

हाल ही में शासन ने पिटकुल और यूजेवीएनएल में निदेशकों के चयन के लिए प्रस्तावित साक्षात्कार भी स्थगित कर दिए थे।

पिटकुल में निदेशक परिचालन, निदेशक परियोजना और निदेशक वित्त के तीन पदों के लिए इंटरव्यू होने थे, जबकि यूजेवीएनएल में निदेशक परिचालन, परियोजना, वित्त और मानव संसाधन के चार पदों के लिए साक्षात्कार प्रस्तावित थे। फिलहाल इन इंटरव्यू की नई तिथि घोषित होने का इंतजार किया जा रहा है।

सेवा विस्तार पर कर्मचारी संगठनों का विरोध

ऊर्जा निगमों में अधिकारियों को सेवा विस्तार दिए जाने के मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों ने पहले भी विरोध जताया है। फरवरी में उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष वाईएस तोमर और संयोजक इंसारुल हक सहित कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई थी।

इन संगठनों में हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ, पावर लेखा संघ, विद्युत ऊर्जा आरक्षित वर्ग एसोसिएशन, पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन और उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन इंटक शामिल हैं।

कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि अधिकारियों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त किया जाए और सेवा विस्तार की व्यवस्था समाप्त की जाए।

जल्द होंगी नियमित नियुक्तियां

ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि ऊर्जा निगमों में निदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सभी पदों पर स्थायी नियुक्तियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा, “हमारी प्रक्रिया गतिमान है और जल्द ही सभी ऊर्जा निगमों में निदेशकों की नियमित नियुक्तियां नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएंगी।”

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