Friday, October 23, 2026
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न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने को लेकर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने किया ई.सेवा केन्द्र का शुभारंभ

किस प्रकार से मिलेगी मदद

ई.न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजो के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगो का मार्ग.दर्शन भी इसके द्वारा किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।

नैनीताल: उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में लगातार आगे कदम बढ़ाते हुए उच्च न्यायालय परिसर में ई.सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिसका शुभारंभ गुरूवार को मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान द्वारा फीता काट कर किया गया। ई.सेवा केन्द्र के तहत न्याय प्रणाली में वादियों एवं प्रतिवादियों को आसानी से जानकारी मिल सकेगी। वहीं उन्हें जानकारी के अभाव में होने वाली दिक्कतों से बचाया जा सकेगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की पहल पर न्यायालय परिसर में ई.सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है।

इस मौके पर रजिस्ट्रार जनरल धनन्जय चतुर्वेदी ने बताया कि ई.सेवा केन्द्र उत्तराखण्ड राज्य का पहला सेवा केन्द्र है। इसके बाद अल्मोड़ा में शीघ्र ही ई.सेवा केन्द्र खोला जायेगा। इसकी महत्ता को देखते हुए भविष्य में सभी जनपदों के जिला न्यायालयों में ई.सेवा केन्द्रों की स्थापना की जायेगी।

उन्होंने बताया कि स्थापित ई.सेवा केन्द्र में वादो की अद्यतन स्थिति तथा सुनवाई तिथि के साथ ही सुनवाई हेतु निर्धारित कोर्ट की भी जानकारी उपलब्ध होगी।

बताया कि ई.न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजो के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगो का मार्ग.दर्शन भी इसके द्वारा किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैथानी, न्यायूर्ति आलोक कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार कम्प्यूटर अम्बिका पन्त, एडवोकेट जनरल एसएन बाबुलकर, बार अध्यक्ष एएस रावत, सचिव विकास बहुगुणा सहित सभी रजिस्ट्रार व अधिवक्तागण उपस्थित थे।

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