Tuesday, February 3, 2026
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Uttarakhand Budget Update: आम बजट से जल जीवन मिशन को नई मजबूती, 67,670 करोड़ का प्रावधान, समयसीमा 2028 तक बढ़ी

देहरादून। उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता अब खत्म होती नजर आ रही है। आम बजट 2026 में केंद्र सरकार ने देशभर में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 67,670 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही योजना की समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है। इससे राज्य में लंबित कार्यों को पूरा करने और आर्थिक संकट से जूझ रही परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश सरकार के अनुसार, उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए लगभग 4300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है। बीते एक साल से बजट की कमी के कारण कई अहम कार्य अटके हुए थे। अब आम बजट में हुए प्रावधान से इन कार्यों के जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

हर घर नल से जल योजना को मिलेगा बल

राज्य में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल के लक्ष्य की दिशा में बड़ा काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। कुल 14,49,170 लक्षित घरों में से अब तक 14,14,169 घरों में पेयजल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यानी लगभग 95 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंच चुका है।

हालांकि, अभी भी करीब 5 प्रतिशत भवनों में पेयजल कनेक्शन दिया जाना बाकी है। इसके अलावा, पेयजल योजनाओं की क्षमता बढ़ाने, स्रोत सुदृढ़ीकरण और तकनीकी सुधार से जुड़े करीब 20 प्रतिशत कार्य अभी अधूरे पड़े हैं।

बजट की कमी से अटके थे कार्य

सूत्रों के अनुसार, केंद्र से मांग के अनुरूप बजट न मिलने के कारण पिछले एक साल से कई योजनाएं ठप पड़ी थीं। इसका सीधा असर न सिर्फ आम जनता पर पड़ा, बल्कि योजना से जुड़े ठेकेदारों और कर्मचारियों को भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ठेकेदारों की 2000 करोड़ की देनदारियां होंगी निपटान की ओर

जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे 5000 से अधिक ठेकेदारों की देनदारियां भी अब निपटने की उम्मीद है। बजट न मिलने के कारण करीब 1200 करोड़ रुपये के बिल लंबे समय से लंबित थे। इसके अलावा, लगभग 800 करोड़ रुपये की अन्य देनदारियां भी अटकी हुई थीं।

कुल मिलाकर, लगभग 2000 करोड़ रुपये की देनदारियों के भुगतान का रास्ता साफ होने की संभावना है। हाल ही में ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर मिशन निदेशक कार्यालय का घेराव भी किया था, जिससे यह मामला सुर्खियों में आया था।

बढ़ी समयसीमा से मिलेगी राहत

योजना की अवधि को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाए जाने से राज्य सरकार और कार्यदायी संस्थाओं को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों का मानना है कि अब परियोजनाओं को तय गुणवत्ता मानकों के साथ समय पर पूरा करना आसान होगा।

आम बजट 2026 के बाद उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को लेकर नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि पर्याप्त बजट और बढ़ी हुई समयसीमा से राज्य में हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य जल्द ही पूरा किया जा सकेगा।

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