Saturday, March 28, 2026
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एलपीजी संकट के बीच राहत: उत्तराखंड में शादी वाले घरों को मिलेगा अस्थायी गैस कनेक्शन

देहरादून: शादी समारोह के लिए दो कमर्शियल सिलिंडर देने की व्यवस्था

उत्तराखंड में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर चल रही समस्या के बीच राज्य सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन परिवारों में शादी समारोह है, उन्हें अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आयोजन के दौरान रसोई गैस की कमी न हो।

खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन घरों में शादी है, वे संबंधित गैस एजेंसी में आवेदन कर अस्थायी कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत ऐसे परिवारों को दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर दिए जाएंगे, जिससे शादी समारोह में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो।

घरेलू गैस की आपूर्ति लगभग सामान्य

खाद्य आयुक्त ने कहा कि राज्य में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति लगभग सामान्य है। सरकार लगातार आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है।

PNG से जोड़े जा रहे घर

उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 36,300 घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ा जा चुका है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अधिक से अधिक घरों को PNG से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिससे एलपीजी सिलिंडरों पर दबाव कम किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों में टैंक बनाकर भी PNG की आपूर्ति संभव है। गैस कंपनियों का दावा है कि अप्रैल तक राज्य में एक से डेढ़ लाख परिवारों को PNG नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा।

रोजाना हजारों सिलिंडर की आपूर्ति

खाद्य आयुक्त ने बताया कि उत्तराखंड में प्रतिदिन करीब 5300 व्यावसायिक गैस सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं। हालांकि घरेलू गैस सिलिंडरों का लगभग 2.68 लाख का बैकलॉग है, जिसे धीरे-धीरे कम किया जा रहा है।

इस दौरान अपर खाद्य आयुक्त पीएस पांगती भी मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा को लेकर तैयारी

चारधाम यात्रा के मद्देनजर एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर भी सरकार सक्रिय है। खाद्य आयुक्त ने बताया कि सभी जिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि किसी जिले में गैस की कमी की आशंका होती है तो वहां की मांग केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

कालाबाजारी पर कार्रवाई

रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने राज्यभर में अभियान चलाया। इस दौरान 87 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 15 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया और कुल 85,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

छापेमारी के दौरान 672 घरेलू गैस सिलिंडर और 139 व्यावसायिक सिलिंडर भी जब्त किए गए।

वैकल्पिक ईंधन पर भी जोर

खाद्य आयुक्त ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य में वैकल्पिक ईंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। चंपावत में पिरुल (चीड़ की पत्तियों) से ब्रिकेटिंग के माध्यम से ईंधन तैयार किया जा रहा है।

इसके अलावा वन निगम को लकड़ी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके।

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