Thursday, November 5, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखंडवेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा: उत्तराखंड में रिजॉर्ट मॉडल पर खुलेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल,...

वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा: उत्तराखंड में रिजॉर्ट मॉडल पर खुलेंगे नेचुरोपैथी अस्पताल, तीन जिलों में तैयारी

देहरादून।
उत्तराखंड सरकार प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में अहम पहल करने जा रही है। आयुष विभाग की ओर से राज्य में पहली बार रिजॉर्ट मॉडल पर नेचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) अस्पताल स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन अस्पतालों में बिना दवाइयों के प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगों का इलाज किया जाएगा। चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में इसके लिए भूमि का चयन हो चुका है, जबकि बागेश्वर जिले में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

आयुष और पर्यटन को एकीकृत करने के उद्देश्य से पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पिथौरागढ़ जिले के बलवा कोट और चंपावत जिले के कोली ढेक क्षेत्र को इसके लिए उपयुक्त माना गया है। इन परियोजनाओं के लिए आयुष विभाग जल्द ही केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता का प्रस्ताव भेजेगा। आयुष मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मिलने की संभावना है।

इलाज भी, ठहराव भी—रिजॉर्ट जैसी सुविधाएं
नेचुरोपैथी अस्पतालों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां इलाज के साथ-साथ मरीजों और पर्यटकों के ठहरने की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लोगों को प्राकृतिक वातावरण में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है, जिससे प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

प्राकृतिक तरीकों से समग्र उपचार
नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में बीमारी के मूल कारण को दूर करने पर जोर दिया जाता है। इसमें आहार एवं पोषण, जल चिकित्सा, मृदा चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, योग एवं व्यायाम, जड़ी-बूटी उपचार, मालिश, उपवास, एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है। इन अस्पतालों में समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मन-शरीर चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

आयुष ग्राम योजना के स्थान पर नई पहल
केंद्र सरकार ने आयुष मिशन के तहत संचालित आयुष ग्राम योजना को बंद कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब आयुष ग्राम की जगह नेचुरोपैथी अस्पतालों की स्थापना के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसी क्रम में उत्तराखंड में यह नई योजना लागू की जा रही है।

आयुष सचिव दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि पहले चरण में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर होंगे, जहां प्राकृतिक चिकित्सा के साथ आरामदायक ठहराव की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड को वेलनेस टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments