Thursday, October 8, 2026
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उत्तराखंड STF का कश्मीर में बड़ा ऑपरेशन: देशभर में सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम टीम ने देशभर में सक्रिय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) क्षेत्र से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दी गई। ऑपरेशन के दौरान स्थानीय भीड़ ने पुलिस टीम को घेरकर दबाव बनाने की कोशिश भी की, लेकिन एसटीएफ ने सूझबूझ और रणनीति के साथ मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शौकत हुसैन मलिक और बिलाल अहमद के रूप में हुई है। दोनों आरोपी फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन बैंक खातों से जुड़े मामलों में उत्तराखंड समेत देश के सात राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।

संवेदनशील माहौल में चला ऑपरेशन

एसटीएफ टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) क्षेत्र में ऑपरेशन चलाया। यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है और यहां पहले भी ग्रेनेड हमले जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। गिरफ्तारी के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस टीम पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे।

हालांकि एसटीएफ टीम ने संयम और रणनीतिक तरीके से स्थिति को संभाला और आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से उनका रिमांड भी प्राप्त किया गया।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 65 लाख की ठगी

यह मामला देहरादून के एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से जुड़ा है, जिन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने खुद को टेलीकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को फर्जी वारंट दिखाया और डराकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 65 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

फर्जी दस्तावेजों से करते थे ठगी

जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से इस संगठित साइबर गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपी फर्जी दस्तावेजों और व्हाट्सएप प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड और आधार-पैन कार्ड सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में इन खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भी पता चला है।

एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और देशभर में फैले इस साइबर ठगी गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

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