Wednesday, November 4, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखंडUttarakhand UCC Anniversary: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को एक वर्ष पूरा,...

Uttarakhand UCC Anniversary: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को एक वर्ष पूरा, सीएम धामी बोले—ऐतिहासिक फैसला, जनता से किया वादा निभाया

उत्तराखंड में UCC लागू होने के एक वर्ष पूरे, राज्यभर में मनाया गया यूसीसी दिवस

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के एक वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 27 जनवरी को राज्य के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का प्रावधान किया था, लेकिन इसे सबसे पहले लागू करने का कार्य उत्तराखंड ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से यूसीसी लागू करने का जो वादा किया था, उसे अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि यूसीसी को सफलतापूर्वक लागू हुए एक वर्ष पूर्ण होना उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।

देहरादून में आयोजित पहले ‘देवभूमि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) दिवस’ समारोह में मुख्यमंत्री ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने यूसीसी को सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में उनसे यह पूछा जाता है कि यह विचार कैसे आया। इस पर वे कहते हैं कि आज़ादी के बाद जिन आवश्यक सुधारों की आवश्यकता थी, उनमें यूसीसी भी एक महत्वपूर्ण सुधार था।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सामाजिक समानता पर आधारित रही है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि समान दृष्टि की भावना हमारे संविधान में भी समाहित है। संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 44 में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था की थी।

उन्होंने कहा कि पूर्व में तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इस विषय पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। जब राज्य सरकार ने यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया तो विपक्ष ने इसका विरोध और मजाक उड़ाया, लेकिन सरकार अपने संकल्प पर अडिग रही।

यूसीसी लागू होने के एक वर्ष पूरे होने पर राज्यभर में ‘यूसीसी दिवस’ मनाया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और महिला सशक्तीकरण से जुड़े आयोजन किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता सामाजिक समानता, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और सभी नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरगामी और प्रभावी कदम साबित हुई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments