देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 28 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य विषय ‘नारी सम्मान: लोकतंत्र में अधिकार’ निर्धारित किया गया है। इस संबंध में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस विशेष सत्र में सदन के सभी सदस्य महिलाओं के अधिकार, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करेंगे। माना जा रहा है कि यह सत्र महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्श का मंच बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में पारित हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का इस सत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया था, जो महिलाओं को समान अवसर देने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हालांकि, उन्होंने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के क्रियान्वयन के दौरान विपक्ष के रुख पर निराशा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि जब महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात आई, तब विपक्ष ने जाति और धर्म जैसे मुद्दों को बीच में लाकर प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया, जो महिलाओं के प्रति उनकी सोच पर सवाल खड़े करता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं निराश नहीं हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है कि वे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देंगे और उनके विकास को गति प्रदान करेंगे।
विशेष सत्र के सफल संचालन को लेकर 26 अप्रैल को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जबकि 27 अप्रैल को कार्य मंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सत्र की कार्यवाही और एजेंडा तय किया जाएगा।
यह विशेष सत्र राज्य में महिला अधिकारों और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।