Monday, November 2, 2026
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उत्तराखंड में मौसम ने फिर बदली करवट: पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी, ठंड बढ़ी; IMD का अलर्ट जारी

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। रविवार को चमोली जनपद सहित कई पर्वतीय इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर बढ़ गया है।

चमोली जनपद में दिनभर बादल छाए रहे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से पहाड़ों पर सफेदी नजर आई, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण मौसम सर्द बना रहा। गोपेश्वर नगर क्षेत्र में कुछ समय के लिए बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

इन क्षेत्रों में हुई बारिश और बर्फबारी

रविवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, काली माटी, नंदा घुंघटी के साथ ही नीती और माणा घाटी में बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं ज्योतिर्मठ, पोखरी, पीपलकोटी, नंदानगर और नंदप्रयाग क्षेत्रों में बारिश हुई। खराब मौसम के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार अधिक जताए गए हैं। हालांकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।

तापमान में दर्ज की गई गिरावट

मौसम में बदलाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में इसी तरह का बदलाव दर्ज किया गया।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 24 फरवरी को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। वहीं 25 से 28 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

आंधी-तूफान से बाधित हुआ बदरीनाथ हाईवे

रविवार शाम करीब चार बजे बदरीनाथ हाईवे पर बिरही के पास आंधी-तूफान के कारण चीड़ के दो पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए। इससे करीब एक घंटे तक यातायात ठप रहा। निजमुला घाटी से लौट रहे बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला भी जाम में फंस गए। बाद में विधायक और स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ों के अवशेष हटाए, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों से सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

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