Friday, February 27, 2026
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उत्तरकाशी: सीएम धामी से मिलने से रोके जाने पर पूर्व विधायक भीम लाल आर्य का हमला, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर पूर्व विधायक ने की प्रेस वार्ता

उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। घनसाली के पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने मुख्यमंत्री से मिलने से रोके जाने के बाद प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

आर्य ने कहा कि पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।


जनता के आंदोलन का परिणाम है सीएचसी: आर्य

प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक ने कहा कि पिलखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का शिलान्यास सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे जनसंघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि घनसाली दैविक आपदा प्रभावित क्षेत्र है और यहां लंबे समय से उप जिला चिकित्सालय की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार ने केवल सीएचसी देकर जनता की मूल मांग को नजरअंदाज किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।


बेलेश्वर सीएचसी में सुविधाओं का अभाव

भीम लाल आर्य ने कहा कि बेलेश्वर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी मानकों के अनुरूप नहीं है। वहां डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी हुई है। इसके बावजूद सरकार द्वारा नए केंद्र घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि घनसाली क्षेत्र को अधूरी सुविधाओं वाले केंद्र नहीं, बल्कि पूर्ण उप जिला चिकित्सालय की आवश्यकता है।


धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश का आरोप

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से मिलने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और मारपीट की कोशिश भी हुई। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और प्रशासन की साजिश बताते हुए कहा कि सरकार जनता के सवालों से घबराई हुई है।


स्थानीय समस्याओं की अनदेखी का आरोप

आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। उनके अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं, पलायन और जंगली जानवरों के आतंक जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सीमांत गांव गेंवाली में ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।


चुनाव में जवाब देगी जनता: आर्य

प्रेस वार्ता के अंत में पूर्व विधायक ने प्रदेश सरकार को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि पहाड़ की जनता अपनी आवाज दबने नहीं देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में घनसाली की जनता सरकार को जवाब देगी। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश में वसूली की राजनीति हो रही है और जनता की आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है।

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