उत्तरकाशी जिले की गंगोत्री घाटी से प्रकृति का एक बेहद अद्भुत और रोमांचक दृश्य सामने आया है। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के चलते तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर समुद्रतल से करीब 15,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारताल झील अब भी पूरी तरह बर्फ से जमी हुई है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में मौजूद यह नजारा पर्यटकों और पर्वतारोहियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
केदारताल, केदारगंगा नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। यह झील गंगोत्री धाम क्षेत्र में थलयसागर और मृगुपंथ जैसी विशाल हिमाच्छादित चोटियों की तलहटी में स्थित है। करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य और कठिन ट्रैकिंग मार्ग के लिए देश-विदेश के पर्वतारोहियों के बीच प्रसिद्ध है।
गंगोत्री रेंज के रेंज अधिकारी यशवंत चौहान ने बताया कि वर्तमान में भी केदारताल की झील पूरी तरह बर्फ से ढकी हुई है। दिन के समय वहां तेज धूप खिल रही है, लेकिन रात में तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है। इसी कारण झील की बर्फ अब तक पूरी तरह नहीं पिघली है।
उन्होंने बताया कि गंगोत्री से केदारताल तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा ट्रैक हिमालयी जैव विविधताओं का अनमोल खजाना माना जाता है। इस मार्ग पर इन दिनों बड़ी संख्या में भरल (ब्लू शीप) भी देखे जा रहे हैं, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
इन दिनों प्रतिदिन 20 से 30 पर्वतारोही और ट्रैकर केदारताल पहुंच रहे हैं। ट्रैकिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी से स्थानीय युवाओं और ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को अच्छा आर्थिक लाभ मिल रहा है। हालांकि, क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हालिया बर्फबारी के कारण ट्रैक मार्ग क्षतिग्रस्त भी हुआ है, जिससे यात्रियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में मई के अंतिम सप्ताह में भी बर्फ का मौजूद रहना मौसम के तीव्र बदलाव और ऊंचाई वाले इलाकों की विशेष जलवायु परिस्थितियों को दर्शाता है।