Tuesday, October 27, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता से भारत-यूरोप व्यापार संबंधों में नया अध्यायः डॉ. नरेश बंसल

-भारतीय व्यापार के लिए मील का पत्थर साबित होगा समझौता, पीएम मोदी जी का आभार: डॉ. नरेश बंसल

देहरादून: भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक कदम है और अब तक का भारत का सबसे बड़ा थ्ज्। है। यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ भारत को जोड़कर, यह समझौता भारतीय व्यवसायों के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक का द्वार खोलता है। इससे भारत-यूरोप व्यापार मे नई तेजी आएगी। दुनिया की एक चैथाई जीडीपी इन देशों की है। इसका व्यापक प्रभाव दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारतीयो को नया बाजार मिलेगा जिससे आपार संभावनाए जन्म लेंगी। 16वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन इतिहास में उस आयोजन के रूप में याद किया जाएगा जहां दुनिया की चैथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक व्यापार में एक नया अध्याय लिखने के लिए हाथ मिलाया।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि भारत इस समझौते के प्रयास सन् 2007 से कर रहा था। सन 2013 में यह प्रयास बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचे ठंडे बस्ते में चले गए। परंतु अब आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयास से सार्थक ही नहीं बल्कि विश्व की आर्थिक, सामाजिक दिशा बदलने का एक ऐतिहासिक कदम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत ने लगातार दो मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे वैश्विक बाजार तक पहुँच का विस्तार हुआ है और निर्यात को बढ़ावा मिला है। ये ऐतिहासिक समझौते भारत के बढ़ते आर्थिक आत्मविश्वास को दर्शाते हैं और देश को विश्व स्तर पर एक विश्वसनीय व्यापार भागीदार के रूप में स्थापित करते हैं।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि हमें अपने प्रधानमंत्री पर गर्व इसलिए भी है कि जब जी-20 सम्मेलन 2022 में भारत में हुआ, तब 23 अफ्रीकी देशों को मिलाकर “अफ्रीकन यूनियन” बनाई और अब 27 यूरोपीय देशों की अध्यक्षा को भारत बुलाकर व्यापार समझौता होना, यह मोदी जी की दूरदर्शी सोच व कुशल विदेश नीति के साथ ही विश्व में बढ़ती हुई राष्ट्रों की धुरी पर गहरी चोट है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यूरोपीय संघ की अध्यक्षा सु उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह व्यापार समझौता अब तक का सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण समझौता सिद्ध होगा। भारत की प्रगति विश्व स्तर पर प्रशंसनीय तथा मजबूत रही है, तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे पूरे मिशन यूरोप तथा भारत के मध्य तकनीकी समझौते भी प्रबल होंगे।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह समझौता 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं को तरजीही पहुँच प्रदान करता है, जिससे ₹6.41 लाख करोड़ के निर्यात अवसर पैदा होते हैं। उक्त संबंधों/समझौते से भारत में एमएसएमई, ऊर्जा क्षेत्र, पेट्रो-गैस, समुद्री संगठन, रक्षा क्षेत्र तथा निर्माण क्षेत्र-प्रत्येक सेक्टर में वैश्विक उन्नति में बहुत मदद मिलेगी। वस्त्र उद्योग, आयुष्मान, वनड्र उद्योग तथा खाद्य निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। यह कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए भी नए बाजार खोलता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। शीघ्र ही व्यापार और उद्योग के द्वार भारत के लिए लगभग 50 से अधिक देशों में खुलेंगे अर्थात भारत में संपन्नता बढ़ेगी। भारत आत्मनिर्भर से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में यूरोपीय यूनियन से समझौते द्वारा सप्लाई चेन और सशक्त होगी, जिससे अर्थव्यवस्था की तीव्र प्रगति में सहायता मिलेगी।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा इसे Mother of All Deals कहा गया, यह सच है। विश्व में भारत का भरोसा बढ़ेगा। पुनः इस दूरगामी सोच और उसके क्रियान्वयन व विश्व में भारत की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता बढ़ाने के सतत प्रयास को प्रधानमंत्री जी को कोटिशः शुभेच्छा व हार्दिक आभार।

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