Sunday, November 8, 2026
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कुल्हाल बॉर्डर पर यमुना नदी पर बनेगा 1.2 किमी लंबा नया पुल, 10 अंडर पास भी बनेंगे

देहरादून-पांवटा साहिब हाईवे के ग्रीन फील्ड में कुल 34 नए पुल बनाए जाएंगे। सबसे बड़ा पुल यमुना नदी पर बनेगा, जिसकी लंबाई 1.2 किमी होगी। इससे पुराने पुल पर लगने वाला जाम कल की बात हो जाएगा। सबसे खास बात यह है कि ग्रीन फील्ड में 12 किमी सर्विस लेन होगी, जो आसपास के गांवों को नए हाईवे से जोड़ेगी। क्रैश बैरियर के साथ हाईवे पर फुटपाथ और चमचमाती लाइटें लगाई जाएंगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से 45 किमी इस मार्ग का निर्माण दो पैकेज में किया जा रहा है। एक पैकेज में काम चल रहा है, जबकि दूसरे पैकेज में तीन दिन बाद 15 अप्रैल से काम शुरू हो जाएगा। इस पूरी परियोजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोग लंबी दूरी कम समय और सुरक्षित तरीके से पूरी कर सकें। 45 किमी फोरलेन सड़क पर जहां एक पैकेज में 20 और दूसरे पैकेज में 14 कुल 34 नए पुल बनाए जाएंगे, वहीं ग्रामीण सड़कों को कनेक्ट करने के लिए 10 अंडर पास (वीयूपी) बनाए जाएंगे। इसके अलावा पांच से छह मीटर की 72 कलवट (छोटी पुलिया) बनाए जाएंगे।
आसपास के कस्बे और गांव हाईवे से जुड़ सकें
1594.33 करोड़ रुपये की इस परियोजना के फरवरी 2025 में पूरा होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट इंजीनियर सुमीत सिंह ने बताया कि फोरलेन हाईवे पर नया ग्रीन फिल्ड मेदनीपुर से प्रेमनगर साईं मंदिर तक करीब 22 किमी का होगा। जो पूरी तरह से नई सड़क होगी। इसके साथ ही निश्चित दूरी पर सर्विस लाइन दी जाएंगी, ताकि आसपास के कस्बे और गांव हाईवे से जुड़ सकें। इसके अलावा यमुना नदी पर कुल्हाल बॉर्डर बनने वाले 1200 मीटर लंबे और करीब 25 मीटर चौड़े पुल के तैयार हो जाने के बाद देहरादून की तरफ से जाने वाले ट्रैफिक को पांवटा शहर में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जहां जमीन के अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है, वहां हाईवे निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर पुलों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। दून-पांवटा फोर लेन हाईवे के पैकेज-वन और टू के कुछ हिस्सों को एजेंसियों को काम आवंटित कर दिया गया है। कई साइट पर काम शुरू हो गया है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होते ही काम बहुत तेजी से पूरा किया जाएगा। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनसे अपील की जा रही है कि वह मुआवजा लेने की कार्रवाई अपने स्तर पर पूरी मुआवजा प्राप्त कर लें। – पंकज मौर्य, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

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