हल्द्वानी। दरोगा भर्ती मामले में विजिलेंस की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। शुरुआती जांच रिपोर्ट में 20 दरोगाओं के नाम सामने आए हैं जिनमें से 12 दरोगा कुमाऊं मंडल के हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी 12 दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है। शुक्रवार को विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा ने लंबे समय से चल रही 2015 बैच की दरोगा भर्ती के विवेचकों के साथ बैठक की थी। निदेशक विजिलेंस ने सोमवार सुबह पुलिस मुख्यालय को एक सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट भेजी जिसमें वे नाम शामिल थे जो दरोगा भर्ती भ्रष्टाचार में संदिग्ध पाए गए। पुलिस मुख्यालय पहुंची इस सूची में 12 नाम कुमाऊं मंडल में तैनात दरोगाओं के निकले। इनमें सर्वाधिक सात दरोगा ऊधमसिंह नगर, चार नैनीताल और एक दरोगा चंपावत का संदिग्ध पाया गया है।नैनीताल एसएसपी पंकज भट्ट, ऊधमसिंह नगर एसएसपी मंजूनाथ टीसी और एसपी चंपावत देवेंद्र पिंचा ने बताया कि मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद सभी दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है।
एलआईयू से लेकर चौकी प्रभारी के पद पर तैनात थे दरोगा
कुमाऊं मंडल के जिन 12 दरोगाओं को 2015 दरोगा भर्ती मामले के चलते सस्पेंड किया गया है उनमें से ऊधम सिंह नगर के दो दरोगा चौकी प्रभारी के पद पर और एक डीसीआरबी में तैनात थे। वहीं हल्द्वानी एलआईयू में तैनात महिला दरोगा का भी नाम शामिल है। इसके अलावा बाकी दरोगा थानों व अन्य चौकियों में तैनात थे।
इन दरोगाओं को विजिलेंस ने पाया संदिग्ध
नाम- जिला वर्तमान तैनाती
दीपक कौशिक यूएसनगर बन्ना खेड़ा चौकी प्रभारी
अर्जुन सिंह यूएसनगर बेरिया दौलत चौकी
बीना पपोला यूएसनगर थाना जसपुर
जगत सिंह साही यूएसनगर सुल्तान पुर पट्टी चौकी प्रभारी
हरीश मेहर यूएसनगर डीसीआरबी
लोकेश यूएसनगर ट्रांजिट कैंप थाना
संतोषी यूएसनगर झनकइया थाना
नीरज चौहान नैनीताल हल्द्वानी कोतवाली
आरती पोखरियाल नैनीताल हल्द्वानी (अभिसूचना)
प्रेमा कोरंगा नैनीताल मुक्तेश्वर
भावना बिष्ट नैनीताल तल्लीताल
तेज कुमार चंपावत मनिहार गोट चौकी प्रभारी (टनकपुर थाना)