रुद्रपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आयकर भरने वाले 240 किसानों ने भी पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ ले लिया। जांच में सामने आया कि किसानों ने फर्जी तरीके से पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है। कृषि विभाग ने इन किसानों से 24,80,000 रुपये की रिकवरी की है। आर्थिक रूप से कमजोर छोटे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में सालाना छह हजार रुपये दिए जाते हैं। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई पीएम सम्मान निधि में बड़े किसानों ने भी फर्जीवाड़ा कर लाभ ले लिया। राजस्व निरीक्षक, तहसील, पटवारी, कृषि विभाग की संयुक्त टीम की ओर से जब किसानों की भूमि की खसरा-खतौनी की जांच की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। पिछले तीन सालों से बड़े किसानों की ओर से पीएम सम्मान निधि का लाभ लिया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर 260 किसान ऐसे भी थे जिनकी या तो मृत्यु हो चुकी थी या किसी दूसरे कारणों से उनके खातों में बैंक की ओर से रुपये ट्रांसफर किए जा रहे थे।
51,00,000 की हुई रिकवरी
पीएम किसान सम्मान निधि का गलत फायदा उठाने वाले लोगों से रिकवरी भी की जा रही है। विभाग के माध्यम से इन किसानों से 26,70000 रुपये की रिकवरी की गई है। कृषि रक्षा अधिकारी विधि उपाध्याय ने कहा कि बैंकों की ओर से भी किसानों से रिकवरी की जा रही है। कुल 500 किसानों से 51,50,000 रुपये वसूल लिए गए हैं।
किसानों को ई-केवाईसी कराने का 15 अगस्त तक मौका
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे जिले के 35000 किसानों को ई-केवाईसी (सत्यापन) कराने के लिए 15 अगस्त तक आखिरी मौका दिया गया है। इस अवधि में भी सत्यापन नहीं कराने वाले किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल सकेगी। छोटे किसानों की मशीनरी, बीज, खाद की जरूरत पूरी करने के लिए केंद्र सरकार ने 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना के तहत किसानों को सालाना छह हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाती है। जिले में 82881 कृषक यह निधि ले रहे हैं। इनमें से 46995 किसानों ने अपने खाते ई-केवाईसी करा लिए हैं। इस निधि में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। इसके लिए 31 जुलाई तक किसानों को केवाईसी कराने का समय दिया गया था लेकिन अब यह समय सीमा 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी विधि उपाध्याय ने बताया कि जिले में 46995 किसानों ने ई-केवाईसी करा ली है। जिन किसानों ने अभी केवाईसी नहीं कराई है वह सीएससी में जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।