रुद्रपुर। भूरारानी रोड पर निलंबित पुलिसकर्मी ने सड़क किनारे खड़े छह लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सिपाही नशे में धुत था। इधर, घायलों को अस्पताल भेजा गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। पुलिस की नशा विरोधी शाखा में पूर्व में तैनात रहे एक पुलिसकर्मी ने तेज रफ्तार कार से छह लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार शाम करीब चार बजे भूरारानी रोड पर तेज स्पीड कार ने दो लोगों को टक्कर मारी और तेजी से आग निकल गया। आगे जाकर एक अन्य राहगीर सागर अरोरा, साइकिल सवार बुजुर्ग के साथ रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक सड़क किनारे खड़े दो स्कूटी सवार लोगों को टक्कर मार दी। किसी और घायल करता, इससे पहले ही कार बंद होने पर राहगीरों ने उसे दबोच लिया। आरोप है कि नशे की हालत में सिपाही बोलता रहा मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी सिपाही को आदर्श कॉलोनी चौकी ले गई। सिपाही पुलिस कर्मी एंटी ड्रग टास्क फोर्स ब्रांच में तैनात था। एसएसपी ने करीब तीन दिन पहले ही सिपाही को निलंबित किया था। सिपाही का प्रशासनिक आधार पर पिथौरागढ़ के लिए ट्रांसफर भी हो चुका है। इस मामले की अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलेगी तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। – अभय सिंह एएसपी, रुद्रपुर
यातायात का पालन कराने वाले खुद ही भूल गए नियम
रुद्रपुर। कानून व्यवस्था से लेकर यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने और पालन कराने का जिम्मा संभालने वाले ही जब नियम तोड़ने लगे तो सहज ही अनुमान लगा ले कि आम जनता का क्या होगा। पिछले 15 दिनों की बात करें तो सिर्फ रुद्रपुर में ही पुलिसकर्मियों की गाड़ी की चपेट में आकर जहां दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं सात लोग घायल अवस्था में भर्ती हो चुके हैं। बीती 13 जुलाई को हल्द्वानी रोड में टांडा जंगल के नजदीक एक महिला पुलिस कर्मी की कार की टक्कर से रामपुर निवासी बाइक सवार की मौत हो गई थी। हादसे में बाइक में बैठा उसका भाई गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। 16 जुलाई को एलआईयू इंस्पेक्टर की कार की चपेट मे आने से साइकिल सवार श्रमिक की जान चली गई थी। अब बुधवार को एडीटीएफ के निलंबित पुलिसकर्मी ने करीब छह लोग को घायल कर दिया। गौर करने वाली बात यह है कि जिस सिपाही ने लोगों को घायल किया है वह कुछ दिन पहले तक लोगों को नशे से दूर रहने का पाठ पढ़ाने का जिम्मा था।