गदरपुर। नंदपुर-खेमपुर किसान सेवा सहकारी समिति में मनमाने तरीके से हो रही धान की खरीद का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि खाद वितरण में भी धांधली का मामला प्रकाश में आ रहा है। समिति संचालक एवं किसानों की शिकायत पर एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी के निर्देश पर पहुंचे तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट की मौजूदगी में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने गोदाम में रखी हुई यूरिया की जांच की तो गोदाम में 206 कट्टे यूरिया कम पाई गई। तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट की मौजूदगी में एडीओ सहकारिता रुचि शुक्ला एवं अपर जिला सहकारी अधिकारी राजेंद्र सिंह की टीम ने शनिवार को नंदपुर खेमपुर समिति में पहुंचकर यूरिया के गोदाम की जांच की। 19 नवंबर तक गोदाम के स्टॉक में 2350 कट्टे यूरिया दर्शाया गया था लेकिन मौके पर 2144 कट्टे पाए गए। तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया उर्वरक पटल प्रभारी चंद्रबली यादव के सौंपे अभिलेखों की जांच करने पर 16 नवंबर तक गोदाम में 2541 कट्टे यूरिया थी। 17 और 18 नवंबर को यूरिया की बिक्री नहीं हुई।
गोदाम से यूरिया के 191 कट्टे कम होने पर चंद्रबली यादव ने पूर्व में क्षेत्रीय किसानों के अनुरोध पर कट्टों का वितरण किए जाने की बात कही। टीम ने जब गोदाम की जांच की तो 206 कट्टे कम पाए गए। भारतीय किसान यूनियन (राजनैतिक) के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह गोराया ने खाद वितरण में धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि शनिवार को ही जिला सहायक निबंधक तुलसी दीनदयाल और एडीओ सहकारिता रुचि शुक्ला ने भी खाद गोदाम का निरीक्षण किया था। समिति में भ्रष्टाचार की जड़ें गहराई तक पहुंच चुकी है जिसमें अध्यक्ष, निवर्तमान सचिव और विभागीय अधिकारियों की भी मिलीभगत प्रतीत हो रही है। वहां रोशन लाल सरना, अशोक कुमार कोली, पलविंदर सिंह, सुभाष आर्य, उत्तम चंद, कुलवीर धीर, चंचल सिंह, संजय भांबरी, सतपाल भामड़ी, सुखदेव लाल, गुरनाम मैनी आदि थे।