नैनीताल। कोरोना संक्रमण थमने के बाद जिन लोगों ने कोरोना से बचाव के लिए लगाए जा रहे एहतियाती टीके से दूरी बनाई थी अब वे इसके बारे में पूछताछ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास रोजाना 25 से 30 ऐसे फोन आ रहे हैं जो बूस्टर डोज के बारे में पूछ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पूरे मंडल में तीस लाख लोगों ने एहतियाती टीका नहीं लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के पास कुमाऊं मंडल के आंकड़ों पर नजर डालें तो छह जिलों में 7,88,306 लोगों ने ही अब तक कोविड-19 से बचाव के लिए एहतियाती टीका लगवाया है। पूरे मंडल में तकरीबन 37 लाख से अधिक लोगों को ये डोज लगाई जानी थी। इनमें ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक 2,92,093 और चंपावत में सबसे कम 48,190 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लोग पूछ रहे हैं कि बूस्टर डोज कब, कहां और कैसे लगेगी? कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई हैं। अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाई जा रही है। शासन से अतिरिक्त डोज की मांग भी की गई है। वर्तमान में कोविशील्ड वैक्सीन नहीं है। कोवाक्सिन लगाई जा रही है, जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है वह लगवा सकते हैं। – डॉ. तारा आर्या निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नैनीताल।
मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री नहीं बढ़ी
नैनीताल। कोरोना संक्रमण की आहट के बावजूद इस बार मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। शहर के मेडिकल स्टोर स्वामियों के मुताबिक कोरोना की पहली और दूसरी लहर में मास्क और सैनिटाइजर की जबरदस्त बिक्री हुई थी। लेकिन इस बार अभी दोनों की बिक्री नहीं बढ़ी है। यही कारण है कि नैनीताल समेत आसपास के क्षेत्रों में गिने चुने लोग ही मास्क लगाए नजर आ रहे हैं जबकि अधिकतर लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं।