Monday, October 12, 2026
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Homeउत्तराखण्डआश्वासनों में बन रही सड़क, हकीकत में डोली ही मददगार

आश्वासनों में बन रही सड़क, हकीकत में डोली ही मददगार

बागेश्वर। सरकार और नेता विकास के चाहे लाख दावे करें लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आती है। एक ओर जिले में सड़कों का जाल बिछाने के बातें होती हैं वहीं दूसरी ओर कई गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव बोरबलड़ा का भी यही हाल है। बीते दिनों एक महिला की तबीयत खराब होने पर उन्हें डोली से सड़क तक लाना पड़ा। गांव के लिए पूर्व विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के कार्यकाल से सड़क का निर्माण चल रहा है लेकिन अब भी सड़क ग्रामीणों की पहुंच से काफी दूर है।
बदियाकोट से 25 किमी दूर बोरबलड़ा गांव के लोग आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बीते दिनों गांव के भराकांडे तोक की जमुना देवी (64) का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें डोली की मदद से सड़क तक लाना पड़ा। उतार-चढ़ाव भरे पैदल, पथरीले रास्ते में कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें ग्रामीण सड़क तक लाए। वाहन की मदद से उन्हें सीएचसी कपकोट लाया गया। इस दौरान गांव के एक युवक ने रास्ते में आ रही परेशानियों को वीडियो में कैद कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक पथरीले रास्ते में हांफते हुए गांव के लोगों की परेशानी बयां कर रहा है। नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष हरीश दानू बताते हैं कि आजादी का अमृत काल चल रहा है लेकिन ग्रामीण आज भी सड़क नहीं होने का दंश झेल रहे हैं। गांव के लिए वर्ष 2019 से सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन अब भी सात किमी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। यहां से वाहन की मदद से कपकोट अस्पताल तक लाना पड़ता है। कई बार सड़क तक लाने में मरीज की हालत काफी बिगड़ जाती है।
संचार सुविधा से भी महरूम है गांव, बिजली का भी बुरा हाल
बागेश्वर। पिंडर घाटी का अंतिम गांव बोरबलड़ा संचार सुविधा से भी वंचित है। गांव में नेटवर्क नहीं होने से लोग परेशानी होने पर 108 से संपर्क भी नहीं कर सकते हैं। स्वजनों से फोन पर बात करने के लिए भी 30 से 35 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। गांव में यूपीसीएल की बिजली नहीं है। माइक्रो हाईडिल से संचालित बिजली से लोगों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती है। बोरबलड़ा के लिए मोटर मार्ग का कार्य प्रगति पर है। आधे से अधिक सड़क का काम हो गया है। बीच में कुछ विवाद था जिसे मैंने सुलझा लिया है। ग्रामीणों की मांग के अनुसार सड़क बनाई जा रही है। आने वाले दो महीने के भीतर सड़क का लोकार्पण कर लिया जाएगा। – सुरेश गढ़िया, विधायक कपकोट।

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