Sunday, November 8, 2026
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अल्मोड़ा पालिका में शामिल नहीं होना चाहते ग्रामीण

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में पालिका के विस्तार और नए गांवों को इसमें जोड़ने की सुगबुगाहट शुरू होते ही विरोध के सुर भी मुखर होने लगे हैं। गांव बचाओ संघर्ष समिति ने गांवों को पालिका में शामिल करने का विरोध करते हुए शनिवार को डीएम वंदना सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। समिति के सदस्यों ने साफ तौर पर कहा कि गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। समिति के सदस्य आनंद कनवाल ने कहा कि ग्राम पंचायतों को पालिका में शामिल करने से गांवों को विकास ठप हो जाएगा। इससे ग्रामीणों का हित भी प्रभावित होगा। जंगलों से उनका अधिकार छिन जाएगा जिससे वे कृषि, पशुपालन भी नहीं कर सकेंगे। समिति के अन्य सदस्यों ने कहा कि गांवों को किसी भी कीमत में पालिका में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। यदि जबरन ऐसा किया तो क्षेत्र के सभी ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रताप सिंह कनवाल, हर्ष कनवाल, विपिन बिष्ट, मुकेश कुमार, किशन सिंह बिष्ट, राधा देवी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
कठपुड़ियाछीना को अलग विकासखंड बनाने की मांग
बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना को अलग विकासखंड बनाने की मांग की अनदेखी से जन संघर्ष समिति में रोष बढ़ रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर क्षेत्र की पेयजल, सड़क, शौचालय जैसी प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की। शासन-प्रशासन से जल्द समस्याओं का निदान करने और कठपुड़ियाछीना को ब्लॉक का दर्जा देने की मांग की।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि समिति लंबे समय से संघर्ष कर रही है लेकिन शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। पदाधिकारियों ने बिलौना तल्लासेरा-सिमतोली मार्ग निर्माण में ध्वस्त हुए पैदल मार्ग की मरम्मत कराने, घटगाड़ लिंक मार्ग से डौल गांव तक एक किमी सड़क का निर्माण कराने, तरमोली पेयजल योजना के निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं की जांच कराने, कठपुड़ियाछीना में सोलर पंप लगाने, कठपुड़ियाछीन बाजार में यात्रियों, राहगीरों और व्यापारियों के लिए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने की मांग की। संचालन महेश चंद्र मिश्रा ने किया। वहां अशोक बिष्ट, एनके मिश्रा, पूरन सिंह रावत, देवीदत्त मिश्रा, प्रेम राम, गोपाल सिंह मेहता, जगमोहन मेहता आदि थे।
रानीखेत : पालिका की मांग के लिए धरना एक माह से जारी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत की सिविल एरिया को नगर पालिका चिलियानौला में शामिल करने की मांग के लिए नागरिकों के धरने को एक माह हो गया है लेकिन मांग को लेकर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही सार्थक कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि एक माह पूर्व 15 मार्च से यहां नगर पालिका की मांग के लिए धरने की शुरूआत की गई। तब से एक घंटे का धरना यहां गांधी चौक पर दिया जा रहा है। रानीखेत विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलनकारियों का कहना है कि अब आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों से सहयोग की अपील की गई। 30 वें दिन धरने में व्यापार मंडल पदाधिकारी, रानीखेत वृद्धजन कल्याण समिति के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक, व्यापारी, होटल एसोसिएशन सदस्यों सहित राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया।

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