Friday, April 17, 2026
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सावधान: लड़कियों में तेजी से बढ़ रहा आई पिल का इस्तेमाल, बार-बार लेने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर

नई दिल्ली: अनचाही गर्भावस्था से बचाव के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आई पिल का प्रयोग युवतियों और महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि यह स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। विशेषज्ञों के अनुसार, आई पिल केवल आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए होती है, लेकिन जानकारी की कमी के कारण कई लोग इसे नियमित रूप से ले रहे हैं।

हार्मोनल असंतुलन का खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि आई पिल में हार्मोन की मात्रा अधिक होती है। बार-बार सेवन करने से शरीर का प्राकृतिक हार्मोन संतुलन बिगड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, रक्तस्राव अधिक या कम हो सकता है, मतली, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कुछ मामलों में मानसिक तनाव और मूड स्विंग्स भी देखी जा रही हैं।

विशेषज्ञों की राय
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि आई पिल केवल आपातकालीन स्थिति के लिए होती है। इसे नियमित गर्भनिरोधक के रूप में नहीं लेना चाहिए। बार-बार लेने से हार्मोनल असंतुलन, पीरियड्स की गड़बड़ी, अत्यधिक रक्तस्राव और भविष्य में प्रजनन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। आई पिल का असर असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटे के भीतर ही अधिक होता है।

गलतफहमी और जागरूकता की कमी
विशेषज्ञ मानते हैं कि युवाओं में यौन स्वास्थ्य और गर्भनिरोधक उपायों को लेकर सही जानकारी की कमी सबसे बड़ी वजह है। कई लोग समझते हैं कि आई पिल पूरी तरह सुरक्षित है और इसे कभी भी लिया जा सकता है, जो गलत धारणा है। डॉक्टर नियमित गर्भनिरोधक उपाय जैसे कंडोम या अन्य सुरक्षित विकल्पों के लिए परामर्श लेने की सलाह देते हैं।

निष्कर्ष
डॉक्टरों ने कहा कि यौन स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत और सही जानकारी बेहद जरूरी है। आई पिल को हमेशा अंतिम विकल्प के रूप में ही लेना चाहिए। बार-बार समस्या होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना स्वास्थ्य के लिए बेहतर तरीका है।

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