Saturday, October 24, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखंडहरिद्वार: पतंजलि योगपीठ पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, इमरजेंसी व क्रिटिकल केयर...

हरिद्वार: पतंजलि योगपीठ पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, इमरजेंसी व क्रिटिकल केयर अस्पताल का किया लोकार्पण

हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में इमरजेंसी सेवा और क्रिटिकल केयर अस्पताल का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम के तहत शुरू की गई इस पहल की सराहना की। अमित शाह ने कहा कि पतंजलि का यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा और भारतीय पारंपरिक उपचार पद्धतियों का समन्वय प्रस्तुत करता है और इसे विश्व का प्रथम हाइब्रिड हॉस्पिटल कहा जा सकता है।

लोकार्पण से पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री ऋषिकेश में आयोजित ‘कल्याण पत्रिका’ के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने रात्रि विश्राम पतंजलि योगपीठ में किया। इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव के साथ उन्होंने योगपीठ में संचालित विभिन्न सेवाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।

पतंजलि योगपीठ परिसर में अमित शाह के आगमन पर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया। कन्याओं ने तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया, जबकि गुरुकुलम और आचार्यकुलम के छात्र-छात्राओं ने उनसे संवाद किया। पतंजलि परिवार ने इस अवसर को प्रेरणादायक और ऊर्जा से भरपूर क्षण बताया।

इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि यह पूरे पतंजलि परिवार के लिए गर्व का विषय है कि विश्व के पहले इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल का लोकार्पण ऐसे नेता के हाथों हुआ है, जो राष्ट्रधर्म के साथ-साथ सनातन धर्म, योग और आयुर्वेद को महत्व देते हैं। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, पंचकर्म, षट्कर्म, पंच महाभूत चिकित्सा, मेडिकेटेड वाटर व फूड, उपवास और उपासना के माध्यम से स्वस्थ करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वामी रामदेव ने स्पष्ट किया कि पतंजलि एलोपैथी चिकित्सा का विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि गैर-जरूरी दवाओं, ऑपरेशन और अनावश्यक जांचों के खिलाफ उनका अभियान है। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन रोगी को डायलिसिस तक पहुंचने से बचाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रेन सर्जरी से पहले मेधा वटी और मैमोरी ग्रिट जैसी औषधियों पर भरोसा किया जाता है, जबकि यज्ञ चिकित्सा में मेधा यष्टि, ब्राह्मी, शंखपुष्पी और ज्योतिष्मति से हवन कराकर उपचार किया जाता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक भारतीय उपचार पद्धतियों का यह समन्वय भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments