Tuesday, February 17, 2026
Homeउत्तराखण्ड114 डीपीआर मंजूर, सचिव आवास ने दिए गुणवत्ता के साथ काम पूरा...

114 डीपीआर मंजूर, सचिव आवास ने दिए गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास विभाग प्रदेश के बड़े शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में बढ़ती यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर पार्किंग सुविधाओं का विकास कर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 11 स्थानों पर शीघ्र ही नई पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी, जिनमें कुल 1082 वाहनों के पार्किंग की क्षमता होगी।

मुख्यमंत्री  धामी ने कार्यभार ग्रहण करते ही आवास विभाग को विकास प्राधिकरणों के माध्यम से बड़े शहरों, तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर युद्धस्तर पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके पश्चात विभिन्न विकास प्राधिकरणों से 195 स्थानों पर पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें सरफेस पार्किंग, मल्टी लेवल पार्किंग तथा टनल पार्किंग जैसे विकल्प शामिल थे।

आवास विभाग द्वारा 114 स्थानों की डीपीआर को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा इसके लिए बजट भी जारी किया गया है। प्रथम चरण में 54 स्थानों पर कुल 3244 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित कर संचालन प्रारंभ किया जा चुका है।

अब द्वितीय चरण में 11 अन्य स्थानों पर पार्किंग निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। विभाग का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष में इन परियोजनाओं को पूर्ण कर 1082 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त, विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से 11 अन्य स्थानों पर पार्किंग निर्माण कर रहे हैं, जिससे 359 वाहनों की अतिरिक्त पार्किंग क्षमता विकसित होगी।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी विकास प्राधिकरणों को पार्किंग निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी यात्रा सीजन से पूर्व सभी चिन्हित स्थलों पर पार्किंग सुविधा सुचारु रूप से प्रारंभ की जाए। साथ ही पार्किंग स्थलों पर शौचालय, प्रकाश व्यवस्था एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु एवं पर्यटक तीर्थाटन और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ होने से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिसके कारण यातायात जाम की समस्या उत्पन्न होना स्वाभाविक है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विगत चार वर्षों में विभिन्न स्थानों पर हजारों वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग सुविधाएं विकसित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

इन प्रयासों से प्रदेश में यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के साथ ही जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की अपेक्षा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments