रुद्रपुर। आय से अधिक संपत्ति सहित कई मामलों से जुड़े आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रुद्रपुर में शहर के एक प्रमुख स्टील कारोबारी के घर व दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी कर दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए। देर रात तक चली इस कार्यवाही से कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
उधम सिंह नगर जनपद के पंत नगर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया। जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने अचानक शहर के एक प्रतिष्ठित स्टील कारोबारी के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, कर चोरी और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे दिल्ली से आई ईडी की दो अलग-अलग टीमें मेट्रोपोलिस कॉलोनी स्थित स्टील कारोबारी के आवास और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी के कार्यालय पहुंचीं। अधिकारियों ने पहुंचते ही दोनों परिसरों को अपने नियंत्रण में लेकर मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इसके बाद दस्तावेजों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की गहन जांच शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। कार्यवाही के दौरान कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। लेखा-जोखा विभाग के रिकॉर्ड खंगाले गए। स्टील कारोबारी के आवास से भी कई अहम फाइलें और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि ईडी की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को प्रारंभिक स्तर पर ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें लेन-देन में गड़बड़ी और कर देनदारियों से बचने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध वित्तीय ट्रांजैक्शन भी जांच के दायरे में हैं। जिनके जरिए धन के अवैध हस्तांतरण की आशंका जताई जा रही है।
कार्रवाई देर रात तक जारी रही। दोनों स्थानों पर अधिकारियों ने घंटों तक दस्तावेजों की पड़ताल की। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। घटनाक्रम के बाद शहर के कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों के बीच चर्चा का माहौल है। कई लोग इसे वित्तीय पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन की दिशा में बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे बड़े स्तर की जांच की शुरुआत बता रहे हैं।
फिलहाल ईडी की टीम ने जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।