Tuesday, November 3, 2026
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मार्च में सात साल बाद चकराता की चोटियों पर बर्फबारी, सीजन की तीसरी बर्फ से बढ़ी ठंड

देहरादून/चकराता:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर मार्च के महीने में सात साल बाद बर्फबारी दर्ज की गई है। मौजूदा सीजन की तीसरी बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है और मौसम जनवरी जैसा महसूस होने लगा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले दिनों में भी पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 मार्च तक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट बनी रहने के आसार हैं।

देवबन, मुंडाली और मोइला टॉप पर गिरी बर्फ

रविवार देर रात चकराता क्षेत्र के देवबन, खड़ंबा, मुंडाली और मोइला टॉप सहित ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फबारी ज्यादा नहीं हुई, लेकिन इसके बाद पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। बर्फ की हल्की चादर से ढकी पहाड़ियां बेहद सुंदर दिखाई दे रही हैं।

जानकारी के अनुसार इससे पहले मार्च के महीने में पांच मार्च 2019 को चकराता की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई थी। करीब सात साल बाद मार्च में हुई इस बर्फबारी ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उत्साहित कर दिया है।

फसलों और बागवानी को होगा लाभ

स्थानीय निवासी बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह और बाबूराम ने बताया कि मार्च में हुई बर्फबारी से क्षेत्र में ठंड कुछ समय तक बनी रह सकती है। साथ ही यह बर्फबारी और बारिश स्थानीय फसलों और बागवानी के लिए लाभकारी साबित होगी।

अगले 24 घंटे में तापमान गिरने की संभावना

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ए.के. शर्मा के अनुसार मौसम विभाग से मिल रही जानकारी के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान क्षेत्र में ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल चकराता क्षेत्र में अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

औली में भी मार्च में दिखी बर्फ

मार्च के महीने में आमतौर पर पर्यटकों को बर्फ देखने की उम्मीद नहीं रहती, लेकिन इस बार मौसम की मेहरबानी से औली में भी अच्छी बर्फबारी देखने को मिली। रुड़की से औली पहुंचे पर्यटक विवेक और समृद्धि ने बताया कि मार्च में भी यहां बर्फ देखने का अनुभव उनके लिए यादगार रहा।

इसके अलावा पाणा-ईराणी गांव में भी बर्फबारी हुई है। गोपेश्वर के सामने की चोटियां बर्फ से ढकी नजर आईं, जबकि मंडल के ऊपरी क्षेत्रों में भी बर्फबारी दर्ज की गई।

बदरीनाथ धाम में आधा फीट से अधिक बर्फ

बर्फबारी के बाद बदरीनाथ धाम का दृश्य भी बेहद मनमोहक हो गया है। यहां आधा फीट से अधिक बर्फ जम गई है। सुबह सूरज की किरणें जब बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर पड़ीं तो धाम का दृश्य और भी आकर्षक नजर आया।

बारिश और बर्फबारी का एक सकारात्मक असर यह भी हुआ कि जंगलों में लगी आग बुझ गई, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।

बारिश के बाद बढ़ी ठंड

सोमवार सुबह बारिश के बाद तेज धूप निकली, लेकिन दोपहर बाद मौसम फिर बदल गया और कई जगह झमाझम बारिश हुई। ठंड से बचने के लिए लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े।

विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश बागवानी और अन्य फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। वहीं आदिबदरी क्षेत्र में रविवार रात को मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।

मैदानी इलाकों में गर्मी का असर

उत्तराखंड में मौसम के अचानक बदलाव का असर सोमवार को भी देखने को मिला। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान गिरने से ठंड बनी रही, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से हल्की गर्मी महसूस की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 17 मार्च को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

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