जोशीमठ/चमोली। विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। यात्रा की तैयारियों के तहत भारतीय सेना के जवानों और गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक ट्रेक मार्ग का निरीक्षण (रेकी) किया। इस दौरान पाया गया कि हेमकुंड साहिब क्षेत्र में अभी भी लगभग पांच से छह फीट तक बर्फ जमी हुई है।
हेमकुंड साहिब यात्रा इस वर्ष 23 मई से शुरू होगी, जबकि पहला श्रद्धालु जत्था 20 मई को ऋषिकेश से रवाना किया जाएगा। यात्रा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन और सेना की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
ट्रेक मार्ग पर कई जगह भारी बर्फ
रेकी के दौरान सेना और ट्रस्ट के सदस्यों ने पाया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक ट्रेक मार्ग पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में बर्फ मौजूद है। विशेष रूप से अटलाकोटी ग्लेशियर पॉइंट के पास भी काफी बर्फ जमी हुई है, जिससे फिलहाल आवाजाही कठिन बनी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार पिछले लगभग दस दिनों में क्षेत्र में ताजा बर्फबारी हुई है। हालांकि मौसम साफ रहने और धूप निकलने की स्थिति में यह बर्फ धीरे-धीरे पिघल सकती है, जिससे मार्ग को साफ करने में मदद मिलेगी।
15 अप्रैल के बाद सेना शुरू करेगी बर्फ हटाने का काम
यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी 15 अप्रैल के बाद गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब की ओर रवाना होगी। सेना के जवान ट्रेक रूट पर जमी बर्फ को हटाने और रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य करेंगे, ताकि कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
प्रशासन और ट्रस्ट का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले ट्रेक रूट को पूरी तरह साफ और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।