हल्द्वानी। नशामुक्त उत्तराखंड अभियान को गति देने के उद्देश्य से रविवार को हल्द्वानी में ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक रहने का संदेश दिया।
रैली से पूर्व आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि राज्य को नशे से मुक्त बनाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और युवाओं को सही दिशा मिलती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे को ‘ना’ कहें और जीवन को ‘हां’ कहने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री ने नशे को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह एक “साइलेंट वार” की तरह फैल रहा है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मजाक या शौक के तौर पर लिया गया नशा धीरे-धीरे लत बन जाता है, जिससे व्यक्ति और उसका परिवार दोनों प्रभावित होते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार इस दिशा में मिशन मोड पर कार्य कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने अब तक हजारों आरोपियों की गिरफ्तारी की है और भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं।
राज्य में नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ बनाए गए हैं, जो उन्हें खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सभी को मिलकर दृढ़ संकल्प के साथ इस अभियान को सफल बनाना होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।