रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने देर शाम केदारनाथ मंदिर पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की।
धाम पहुंचते ही जिलाधिकारी ने यात्रा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों से पिछले दो दिनों की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। डीएम ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में यात्रा मजिस्ट्रेट, सेक्टर व सब-सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, पशुपालन और सुलभ विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी।
सुरक्षा और अनुशासन को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मंदिर परिसर के आसपास किसी भी यूट्यूबर या ब्लॉगर को ड्रोन उड़ाने की अनुमति न देने के निर्देश दिए। इसके अलावा यात्रा से संबंधित किसी भी भ्रामक या दुष्प्रचार सामग्री पर कड़ी नजर रखने को कहा गया। जिला सूचना अधिकारी को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और सुलभ विभाग के कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर 10 मिनट के भीतर संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारियों को प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को शीघ्र और सुगम दर्शन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस सक्रियता से साफ है कि केदारनाथ यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए लगातार निगरानी और सुधार की प्रक्रिया जारी है।