Wednesday, November 4, 2026
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नकल लेकर आया छात्र बोला, धामी जी का पड़ोसी हूं

पुलिस से चालान छुड़वाने के लिए कई बार लोग नामी लोगों के नामों का सहारा लेते हैं। कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी कॉलेज में नकल लेकर आए एक छात्र ने भी शिक्षकों पर इसी तरह दबाव बनाने का प्रयास किया। बुधवार सुबह की पाली में बीए राजनीति विज्ञान की परीक्षा देने आए एक परीक्षार्थी को शिक्षकों ने गेट पर नकल के साथ पकड़ लिया। पकड़े जाने पर छात्र शिक्षकों पर भड़क गया और रौब दिखाते हुए बोला, ‘ मैं धामी जी का पड़ोसी हूं ‘। हालांकि शिक्षक दबाव में नहीं आए और उन्होंने छात्र को जमकर फटकार लगा दी। नकल जब्त कर उसे परीक्षा कक्ष में भेजा।
नकल लेकर आए छात्र द्वारा ‘धामी जी का पड़ोसी हूं’ वाली बात दिनभर कॉलेज में चर्चा का विषय बनी रही। शिक्षक इस बात का अंदाजा लगाते रहे कि छात्र आखिर कौन से धामी जी का पड़ोसी है। शिक्षकों ने नकल लाने वाले छात्र पर परीक्षा के दौरान कड़ी नजर भी रखी। दो घंटे की परीक्षा के बाद संबंधित छात्र परीक्षा नियंत्रण कक्ष में धमका। वहां चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय खत्री से बहस शुरू कर दी। फिर से धामी जी का पड़ोसी होने की बात कहते हुए शिक्षकों को धमकाने लगा। शिक्षकों ने संबंधित छात्र से धामी जी का पूरा नाम पूछा, लेकिन उसने कोई नाम नहीं बताया। उलटा शिक्षकों पर गेट पर अभद्रता करने का आरोप लगाने लगा। परीक्षा प्रभारी डॉ. महेश कुमार ने बताया कि गेट पर चेकिंग के दौरान छात्र की कमीज की आस्तीन में किताब के चार पेज मिले थे। नकल पकड़े जाने पर छात्र ने शिक्षकों पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। डॉ. महेश ने कहा कि कॉलेज में नकल रोकने के लिए टीमें काफी सख्ती से काम कर रही हैं। कई विद्यार्थियों द्वारा बुधवार को भी कपड़ों के अन्दर मोबाइल छुपाकर लाने की कोशिश की जा रही थी। ऐसे विद्यार्थियों को गेट पर ही पकड़ा गया।
कॉलेज के शौचालयों की चेकिंग की ::
बुधवार को उड़न दस्ते ने कॉलेज के विभिन्न कमरों और शौचालयों में भी चेकिंग की। यहां टीम को विद्यार्थियों द्वारा छुपाई गई किताबें मिलीं। चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय खत्री ने बताया कि शौचालयों से मिली किताबें खराब हो चुकीं थीं। ऐसे में किताबों को जला दिया गया।
शौचालय जाने को दो मिनट का समय ::
चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय खत्री ने बताया कि परीक्षा के दौरान शौचालय जाने वाले विद्यार्थियों को दो मिनट का समय दिया जाएगा। विद्यार्थी के कक्ष से जाने और वापस आने का समय नोट किया जाएगा। दो मिनट से ज्यादा समय लगाने पर संबंधित विद्यार्थी से पूछताछ भी की जाएगी।

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