Wednesday, November 4, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखण्डतहसील के रिकार्ड रूम का लॉकर तोड़ चोरों ने आर-6 रजिस्टर पार...

तहसील के रिकार्ड रूम का लॉकर तोड़ चोरों ने आर-6 रजिस्टर पार किया

नैनीताल। चोरों ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील भवन की खिड़की और रिकॉर्ड रूम का लॉकर तोड़कर उसमें रखा आर-6 रजिस्टर चुरा लिया। तहसील में चोरी की सूचना पर पुलिस ने मामले की जानकारी ली। चौकीदार की तहरीर पर तल्लीताल पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बुधवार रात तहसील में पीआरडी जवान (चौकीदार) महेश चंद्र परिसर ड्यूटी पर तैनात था। रात पौने दस बजे चौकीदार को तहसील परिसर के रिकॉर्ड रूम में किसी की मौजूदगी का अहसास हुआ। जब उसने खिड़की से झांककर देखा तो वहां एक व्यक्ति चहलकदमी कर रहा था। चौकीदार ने इसकी सूचना तहसील परिसर में रहने वाले कर्मचारियों को दी। कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने के बाद तहसील कक्ष का ताला खोला गया तो कमरे के पीछे की ओर स्थित खिड़की और कमरे में रखा लॉकर टूटा हुआ था। छानबीन में पता चला कि लॉकर में रखा आर-6 रजिस्टर गायब है।सूचना मिलने पर तहसीलदार नवाजिश खलीक रात में ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने तहसील का मुआयना किया लेकिन कोई नहीं मिला। बृहस्पतिवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट व एडीएम प्रतीक जैन ने निरीक्षण कर अधिकारियों व कर्मचारियों को नर्देश दिए। एसओ रोहिताश सिंह सागर ने बताया कि चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने चोरी के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
15 घंटे बाद बरामद हुआ चोरी गया रजिस्टर
नैनीताल। तहसील के रिकॉर्ड रूम से चुराया गया आर-6 रजिस्टर चोरी के लगभग 15 घंटे बाद तहसील परिसर स्थित परिवार न्यायालय के एक कमरे से बरामद कर लिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे किसी कर्मचारी ने राजस्व अधिकारियों को आर-6 रजिस्टर के परिवार न्यायालय के कमरे में होने की सूचना दी। बताया जाता है कि जिस व्यक्ति ने रजिस्टर चुराया था उसने रजिस्टर में कई स्थानों पर कुछ लाइनें दर्ज की हैं। यानी भूमि संबंधी फर्जी आदेश इस रजिस्टर में चढ़ाए गए हैं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रजिस्टर को कब्जे में ले लिया है।
क्या है आर-6 रजिस्टर
नैनीताल। तहसीलदार नवाजिश खलीक के मुताबिक आर-6 रजिस्टर तहसील रिकॉर्ड का मूल रजिस्टर है जिसमें भूमि परिवर्तन संबंधी आदेशों जैसे म्यूटेशन, भू उपयोग परिवर्तन यानी 143, 229 बी और जिलाधिकारी की ओर से भूमि परिवर्तन संबंधी आदेशों को दर्ज किया जाता है। आर-6 रजिस्टर में आदेश दर्ज होने के तीन दिन बाद ही किसी भूमि को संबंधित व्यक्ति के नाम खतौनी में दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि भूलेख नियमावली के तहत इसे आर-6 नाम दिया गया है। यह रजिस्टर रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग के अधीन रहता है।
तहसीलदार बोले, रजिस्टर में कुछ दर्ज किया होगा तो उसकी जांच कराएंगे
नैनीताल। तहसीलदार नवाजिश खलीक का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने आर-6 रजिस्टर में किसी व्यक्ति या संस्था के नाम भूमि परिवर्तन संबंधी कोई आदेश फर्जी तरह से दर्ज किया होगा तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया गया होगा तो संबधित व्यक्ति के नाम की भूमि अभिलेख संबंधी फाइल निकालकर उससे मिलान किया जाएगा। तहसीलदार ने दावा किया कि रजिस्टर में फर्जी आदेश चढ़ाने से किसी को कोई लाभ नहीं हो सकता है क्योंकि हर आदेश को एक सीरियल नंबर दिया जाता है और उसके बाद ही उसे खतौनी में चढ़ाया जाता है। इस दौरान खतौनी में चढ़ाए जा चुके आदेश के क्रम पर एक निशान भी लगा दिया जाता है ताकि यह पता चल सके कि संबंधित आदेश खतौनी में दर्ज हो चुका है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments