रुद्रपुर। अफ्रीकन स्वाइन फीवर फैलने के मद्देनजर जिले के सितारगंज, काशीपुर और दिनेशपुर में 165 सुअरों को एक महीने तक आइसोलेशन में रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं पशुपालन विभाग की टीम ने आठ सुअरों के सैंपल दोबारा पशु लैब में भेजे हैं। कुमाऊं भर से सैंपल आने के बाद इन्हें भोपाल स्थित लैब में भेजा जाएगा। जिले में सितारगंज, काशीपुर व दिनेशपुर के सुअर अफ्रीकन स्वाइन फीवर के पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद तीनों जगहों पर मीट की दुकानें बंद करवा दी गई हैं। अब स्थिति सामान्य होने के बाद ही दुकानें खोली जाएंगी। वहीं पशुपालन विभाग की टीम इन क्षेत्रों में निरीक्षण व निगरानी कर रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसबी पांडेय ने बताया कि 165 सुअरों को एक महीने के आइसोलेट पीरियड में रखा गया है। साथ ही स्वाइन फीवर का पता लगाने के लिए आठ सुअरों के लैब में दोबारा सैंपल भेज दिए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल फीवर से अभी तक एक भी सुअर की मौत नहीं हुई है।
अफ्रीकन स्वाइन फीवर के मद्देनजर सतर्क रहें सुअर पालक
गदरपुर। अफ्रीकन स्वाइन फीवर के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नगर पालिका प्रशासन ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष गुलाम गौस के निर्देश पर ईओ प्रवीण कुमार सक्सेना ने सुअर पालकों के साथ बैठक की। उन्होंने सुअर पालकों को अफ्रीकन स्वाइन फीवर बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए संबंधित पशुओं को बाड़े में बंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर में सुअर के मांस की दुकानों को भी दो माह तक बंद रखने के लिए निर्देशित किया। साथ ही पशुओं में किसी भी प्रकार की बीमारी संबंधित लक्षण पाए जाने पर स्थानीय पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा। बैठक में प्रभारी सफाई नायक राहुल वाल्मीकि, राकेश वाल्मीकि, सुनील कुमार, विजय कुमार, सतबीर, बंटी, विक्रम, अजय कुमार, पप्पू आदि पशुपालक मौजूद थे।
कालीनगर मे बंद कराई सुअर के मांस की दुकान
दिनेशपुर। डीएम के आदेश के बाद नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की सुअर के मांस की सभी दुकानें बृहस्पतिवार से बंद हो गईं। हालांकि कालीनगर में कुछ देर के लिए एक दुकान खुली थी, जिसे पशु विभाग की टीम ने मौके पर जाकर बंद करा दिया। टीम ने बाद में नगर में घूमकर सभी दुकानदारों को आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं पशु चिकित्साधिकारी शिव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पशु विभाग की टीम ने सुंदरपुर गांव जाकर संक्रमित सुअर के साथ अन्य सुअरों के सैंपल लिए।