रुद्रपुर। प्रदेश में तराई नशे का गढ़ बनता जा रहा है। पूरे जिले से पिछले करीब एक वर्ष में साढ़े सात क्विंटल ड्रग्स पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा नशे के इंजेक्शन, गोलियां व शराब भी भारी मात्रा में पकड़ी जा चुकी हैं। अब तक पूरे प्रदेश में ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक नशे की सामग्री पकड़ी गई है।
हाल ही पंजाब में गोल्ड मेडलिस्ट मुक्केबाज दीप धालीवाल की ओवरडोज ड्रग्स के कारण मौत हो गई। इसके बाद जब तराई में नशे के धंधे पर गौर किया गया तो मालूम चला कि पुलिस की एडीटीएफ ब्रांच अब तक भारी मात्रा में नशे की सामग्री पकड़ चुकी है। पुलिस की एंटी ड्रग टास्क फोर्स लोगों को नशे से दूर रहने के लिए लगातार जागरूक कर रही है। इसके अलावा कई स्कूलों व भीड़ वाले इलाकों में लोगों को नशा मुक्त रहने का निर्देश दे रही है।
एडीटीएफ बाहर से आने वाली नशे की सामग्री पर भी नजर रहती है। बुधवार को एडीटीएफ ने यूपी पुलिस व एमपी पुलिस की मदद से गांजा की एक बड़ी खेप पकड़कर एक स्थानीय तस्कर को जेल भेजा था। एडीटीएफ की पुलिस तस्करों की लग्जरी कारों को भी सीज कर चुकी है। तस्कर बाहरी प्रदेशों से नशे की सामग्री लग्जरी कारों के जरिये लाते हैं और तराई पर ऊंचे दामों में उसकी बिक्री करते हैं। एडीटीएफ पुलिस कई तस्करों की नशे से बनाई संपत्ति को भी जब्त कर चुकी है।