चकराता (देहरादून)। उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के एक गांव में आयोजित अनोखा विवाह समारोह इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों का विवाह एक ही दिन, एक ही मंडप में संपन्न हुआ। इस खास आयोजन ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को आकर्षित किया, बल्कि पारंपरिक संस्कृति और संयुक्त परिवार की मिसाल भी पेश की।
तहसील क्षेत्र के खरासी गांव में बुधवार को आयोजित इस भव्य समारोह में परिवार के पांचों भाई—नरेंद्र, प्रदीप, प्रीतम, अमित और राहुल—ने एक साथ सात फेरे लिए। विवाह पारंपरिक जौनसारी रीति-रिवाज ‘जोझोड़े’ के अनुसार संपन्न हुआ, जो इस आयोजन की सबसे विशेष और अनोखी खासियत रही।
इस परंपरा के तहत पांचों दुल्हनें स्वयं बारात लेकर दूल्हों के घर पहुंचीं। यह नजारा देखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा जौनसार-बावर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है, जो परिवार की एकता, सम्मान और सामंजस्य को दर्शाती है।
विवाह समारोह में नरेंद्र ने हय्यो निवासी अन्नू, प्रदीप ने जोगियो निवासी निक्की और प्रीतम ने हय्यो निवासी पुनीता के साथ विवाह किया। वहीं अमित ने गोरछा निवासी निर्मला और राहुल ने जोगियों निवासी आंचल के साथ सात फेरे लिए। इसके अलावा परिवार की बेटी प्रियंका का विवाह भी गुरुवार को मरलऊ निवासी रणवीर सिंह के साथ संपन्न होना प्रस्तावित है।
पूरे गांव में इस दौरान उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों के बीच यह आयोजन यादगार बन गया। संयुक्त परिवार द्वारा किए गए इस भव्य आयोजन ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया।
समारोह में कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए, जिनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के सदस्य गीता राम गौड़, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मठोर सिंह चौहान और प्रताप सिंह रावत प्रमुख रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे पारिवारिक एकता, प्रेम और भाईचारे का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
यह अनूठा विवाह समारोह न केवल एक पारिवारिक आयोजन रहा, बल्कि समाज को परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी दे गया।