कॉर्बेट बाघों की संख्या के मामले में देश व विदेश में एक और नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के निर्देश पर कॉर्बेट के 1288 वर्ग किलोमीटर के जंगलों में आधुनिक तकनीक से लैस कैमरा ट्रैपों से बाघों की गिनती की जा रही है। पहली बार कैमरा ट्रैपों से 2006 से बाघों की गिनती का काम कॉर्बेट में शुरू किया गया था। अब पांचवीं बार यह काम डब्ल्यूआईआई व पार्क के कर्मचारियों की मदद से हो रहा है।
दरअसल, कॉर्बेट में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे देश के 50 से अधिक टाइगर रिजर्वों में से कॉर्बेट को सबसे अधिक बाघ होने का ओहदा मिला है। यही वजह है कि कॉर्बेट विदेश के टाइगर रिजर्वों को भी सीधे टक्कर दे रहा है। पार्क के निदेशक राहुल ने बताया कि 2018 की गणना में 250 से अधिक बाघ कॉर्बेट के जंगलों में दिखे। इससे कॉर्बेट को बाघों के घनत्व के मामले में विदेश में पहला स्थान मिला। यहां के जंगल प्रबंधन की देश व विदेशों में प्रशंसा होती है। अधिक बाघ बाहुल्य वाले कई टाइगर रिजर्वों में कॉर्बेट के प्रबंधन को अपनाया गया है। एनटीसीए हर चार सालों में बाघों की गणना करता है। बाघों की गणना का यह काम कॉर्बेट में पाचवीं बार हो रहा है। निश्चित रूप से कॉर्बेट में बाघों की संख्या बढ़ेगी और नया रिकॉर्ड बनेगा।