देहरादून में एक और बड़े चिटफंड घोटाले का मामला सामने आया है। बोटब्रो-क्रास मार्केट और माइन क्रिटो नामक कंपनी में निवेश करने वाले लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं। आरोप है कि कंपनी संचालकों ने भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश कराया और बाद में कंपनी बंद कर फरार हो गए। मामले में रायपुर थाने में छह नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ितों के अनुसार अब तक सामने आए करीब 10 निवेशकों ने लगभग 25 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। वहीं आशंका जताई जा रही है कि इस घोटाले के शिकार सैकड़ों लोग अभी सामने नहीं आए हैं। शिकायतकर्ता दुर्गा बहादुर गुरुंग निवासी किद्दूवाला रायपुर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो वर्ष पहले उन्हें कंपनी से जुड़े लोगों ने निवेश करने के लिए प्रेरित किया था।
पांच से दस प्रतिशत मासिक लाभ का दिया लालच
तहरीर के मुताबिक कंपनी के प्रतिनिधियों ने खुद को वैध निवेश कंपनी बताते हुए निवेशकों को हर महीने पांच से 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया। लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फॉर्म भरवाकर बिजनेस आईडी उपलब्ध कराई गई और एक वर्ष के लाइसेंस शुल्क के नाम पर 10 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद निवेशकों से लाखों रुपये की रकम अलग-अलग योजनाओं में लगवाई गई।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि छह महीने बाद वे अपनी मूल धनराशि बिना किसी कटौती के वापस निकाल सकेंगे। शुरुआत में कंपनी की ओर से निवेशकों को प्लॉट देने और पीडीसी चेक उपलब्ध कराने जैसे आश्वासन भी दिए गए, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया।
सोशल मीडिया और होटल सेमिनार के जरिए फैलाया नेटवर्क
आरोप है कि कंपनी ने सुनियोजित तरीके से लोगों को निवेश के जाल में फंसाया। इसके लिए जूम मीटिंग, होटल सेमिनार, सोशल मीडिया प्रचार, व्हाट्सएप ग्रुप और व्यक्तिगत संपर्कों का सहारा लिया गया। कंपनी के एजेंट लोगों को अधिक मुनाफे का सपना दिखाकर लगातार निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित करते रहे।
पीड़ितों का आरोप है कि अक्तूबर 2025 में अचानक कंपनी का संचालन बंद कर दिया गया, जिसके बाद निवेशकों को अपनी रकम वापस नहीं मिली। कंपनी से जुड़े लोगों से संपर्क करने की कोशिश भी विफल रही।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका खंगाली जा रही है। जांच के दौरान अन्य पीड़ितों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जाएगी।
अब तक सामने आए पीड़ित
- दुर्गा बहादुर गुरुंग, किद्दूवाला रायपुर
- सुनील बौडाई, नथूवाला
- शैलेन्द्र रावत, नथूवाला
- विवेकानन्द कपरवाण, बालावाला
- विकास चौधरी, विष्णु विहार अजबपुर कलां
- अजयपाल, बाणी विहार
- मनोज लामा, नीबूंवाला गढ़ीकैंट
- भाष्कर, सालावाला
- राजेश थापा, सौडा सरोली
- राजेश भण्डारी, नथूवाला
ये लोग हुए नामजद
- नवीन सिंह नेगी, सिद्ध विनायक कॉलोनी गुजरोवाली चौक
- दीपेश देवरानी, बालावाला
- जगपाल सिंह सजवाण, बालावाला
- सुरेन्द्र प्रसाद कोटवाल, रायपुर
- अनिल कुमार परदेशी, चक्खू मोहल्ला
- कमल सिंह रावत, नकरौंदा मोड़
पुलिस का कहना है कि मामले में आर्थिक अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है।